सुशील जयसवाल
कटघोरा। कटघोरा स्थित शासकीय अस्पताल परिसर में कथित अवैध कब्जे और निर्माण कार्य को लेकर शिकायत सामने आई है। नवागांव निवासी अभिषेक कौशिक ने 13 अगस्त 2026 को खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO), कटघोरा तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा को अलग-अलग शिकायत पत्र सौंपकर मामले की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने BMO को दिए आवेदन में स्वास्थ्य विभाग एवं BMO कार्यालय परिसर में कराए गए अथवा चल रहे निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदन में निर्माण कार्य की स्वीकृति, स्वीकृत राशि, निर्माण एजेंसी अथवा ठेकेदार, कार्यादेश, निविदा प्रक्रिया, माप पुस्तिका (MB), निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता, किए गए भुगतान तथा वर्तमान स्थिति की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों को लेकर विभिन्न प्रकार की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च की गई शासकीय राशि की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, गुणवत्ता में कमी या शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति अथवा एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शासकीय भूमि पर कथित कब्जे और दुकानों के निर्माण का आरोप
वहीं, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा को दिए दूसरे आवेदन में शासकीय भूमि खसरा नंबर 235, जिसे शासकीय स्कूल मैदान के लिए आवंटित बताया गया है, तथा अस्पताल परिसर में कथित अवैध कब्जे एवं निर्माण की जांच की मांग की गई है।
आवेदन के अनुसार अस्पताल परिसर की सीमा पर कथित रूप से कब्जा कर दुकान निर्माण किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त भूमि पूर्व में नवागांव जाने के मुख्य मार्ग के रूप में उपयोग होती थी, लेकिन अस्पताल की पार्किंग के लिए स्थान लिए जाने के बाद नवागांव जाने का रास्ता संकरा हो गया है। अब यदि अस्पताल परिसर की सीमा पर और निर्माण होता है तो कटघोरा चौक क्षेत्र में यातायात प्रभावित होने तथा जाम की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कराने, यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो उसे रोकने तथा नियमानुसार बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण हटाने की मांग की है।
अब देखना होगा कि शिकायत पर राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच कब तक की जाती है तथा जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है।
