बुंदेली-सुतर्रा मार्ग की बदहाली पर चक्काजाम, चार घंटे थमे वाहनों के पहिए

✍️ भागीरथी यादव

 

जर्जर सड़क और क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण की मांग, प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त

 

कोरबा, 8 अगस्त। कटघोरा विकासखंड के बुंदेली-सुतर्रा मुख्य मार्ग की जर्जर सड़क और क्षतिग्रस्त पुल की समस्या को लेकर शुक्रवार को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बांकीमोंगरा-सुतर्रा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब चार घंटे चले आंदोलन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातायात प्रभावित होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

चक्काजाम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर, महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और बुंदेली-सुतर्रा मार्ग की तत्काल मरम्मत के साथ क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।

 

15 दिन की समय-सीमा के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

 

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि सड़क और पुल की समस्या को लेकर पूर्व में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। प्रशासन को 15 दिनों का समय देते हुए निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की गई थी। पार्टी का आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसके बाद ग्रामीणों के साथ मिलकर चक्काजाम का निर्णय लिया गया।

 

आंदोलनकारियों का कहना है कि बुंदेली से सुतर्रा को जोड़ने वाला यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। लंबे समय से सड़क जर्जर है और पुल भी क्षतिग्रस्त स्थिति में है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों को परेशानी होती है। खराब सड़क के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

 

अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला मार्ग

 

चक्काजाम की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से चर्चा की। काफी देर तक चली बातचीत के बाद तहसीलदार ने सड़क एवं पुल निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने का लिखित आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य हुआ।

 

निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज

 

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव महावीर यादव ने कहा कि पार्टी ने पहले लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई और संबंधित विभाग को पर्याप्त समय दिया। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा।

 

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा है। यदि लिखित आश्वासन के अनुरूप जल्द सड़क और पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

 

पार्टी के कोरबा जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने क्षेत्रीय विधायक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर क्षेत्रीय विधायक, संबंधित मंत्री और कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद होने वाले आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

 

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने दिया समर्थन

 

आंदोलन को छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने भी समर्थन दिया। जिलाध्यक्ष सुरजीत सोनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वर्षों पुरानी सड़क एवं पुल की समस्या का समाधान नहीं होने पर शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई।

 

प्रदर्शन में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष चंचल महंत, जिला उपाध्यक्ष सुनीता खूंटे, जिलामंत्री देव हंस, संगठन मंत्री सुरेश पटेल, जिला उपाध्यक्ष संजीव गोस्वामी, कोरबा शहर अध्यक्ष हरि चौहान, देवराज गोड सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना की ओर से जिला संयोजक नवल साहू, जिला महामंत्री राकेश सूर्यवंशी, जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव, जिला संगठन मंत्री ओम केवट, दीपका अध्यक्ष राजा राठौर सहित अन्य पदाधिकारी एवं सेनानी शामिल हुए।

 

इसके अलावा प्रभावित ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनपद सदस्य, पंच, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी आंदोलन में भाग लिया। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कहा कि सड़क और पुल निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू होने तक इस मुद्दे को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।