✍️ भागीरथी यादव
– मिनीमाता कॉलेज में नहीं थम रहा चोरी का सिलसिला
– अगस्त में तीसरी बार कॉलेज की खिड़कियां चोरी
– पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
– बार-बार वारदात के बावजूद सुरक्षा इंतजाम नाकाफी
– महाविद्यालय प्रबंधन भी संदेह के घेरे में
– मुख्य घंटाघर चौक जैसे व्यस्त इलाके में लगातार चोरी
– चोरों के हौसले बुलंद, कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था बेअसर
कोरबा। शहर के मुख्य घंटाघर चौक स्थित मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अगस्त माह में महज 10 दिनों के भीतर कॉलेज परिसर से एल्युमिनियम की खिड़कियां चोरी होने की तीन घटनाएं सामने आईं। हालांकि, इनमें से दो मामलों में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किया गया एल्युमिनियम फ्रेम और वारदात में प्रयुक्त लोहे का सब्बल बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार पहली घटना 15 अगस्त की शाम से 17 अगस्त की सुबह के बीच हुई थी। अज्ञात चोर दीवार फांदकर कॉलेज के नए भवन में दाखिल हुए और कक्ष क्रमांक-5 से तीन पुरानी एल्युमिनियम खिड़कियां उखाड़कर ले गए। मामले में के. बंगारैया की शिकायत पर अपराध दर्ज किया गया था।
इसके बाद 18 अगस्त की शाम से 19 अगस्त की सुबह के बीच चोरों ने दोबारा कॉलेज को निशाना बनाया। इस बार नए भवन के कक्ष क्रमांक-6 की दीवार को नुकसान पहुंचाकर तीन एल्युमिनियम खिड़कियां निकाल ली गईं। इस मामले में गजपाल सिंह की शिकायत पर अपराध दर्ज किया गया।
दोनों मामलों की जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने सागर कश्यप (22), निवासी मुड़ापार महंत मोहल्ला, आकाश उरांव उर्फ टब्बरी (21), निवासी मुड़ापार साहू मोहल्ला और ईश्वर बंजारे (21), निवासी रामनगर दुर्गा पंडाल के पास को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया एल्युमिनियम फ्रेम और वारदात में इस्तेमाल लोहे का सब्बल बरामद किया गया। अपराध क्रमांक 685/2026 और 687/2026 के मामलों में तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
वहीं, तीसरी घटना 22 और 23 अगस्त की दरमियानी रात हुई। अज्ञात चोर कॉलेज परिसर में घुसे और तीन खिड़कियों में लगे एल्युमिनियम फ्रेम चोरी कर ले गए। चोरी गए फ्रेम की कीमत करीब 21 हजार रुपये बताई गई है। घटना की शिकायत लक्ष्मीदास ने मानिकपुर चौकी में दर्ज कराई है।
लगातार हो रही घटनाओं से कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। एक ही परिसर में बार-बार चोरी होने से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत सामने आई है। पुलिस ने मामलों में धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
