✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। जिले की ग्राम पंचायत जटगा में पेयजल मद में कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत जटगा के निवासी एवं आवेदक दीपक कुमार गुप्ता ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जनदर्शन में आवेदन सौंपकर पूर्व में प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन को निरस्त करने तथा मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत जटगा में पेयजल मद एवं 15वें वित्त आयोग की राशि से संबंधित कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। आवेदक के अनुसार, इस संबंध में पहले भी जनपद पंचायत पोंड़ी उपरोड़ा में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद गठित जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन को आवेदक ने पक्षपातपूर्ण बताते हुए उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
जांच प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों ने अपने निर्धारित कर्तव्य एवं ड्यूटी समय से हटकर प्रशासनिक जांच में हस्तक्षेप किया। आवेदक ने सुनील देखरेख एवं कोमल देखरेख नामक कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। साथ ही, जांच दल के सदस्य उप अभियंता दीपक साहू की अनुपस्थिति के बावजूद जांच प्रतिवेदन में उनके हस्ताक्षर होने का आरोप लगाते हुए इसकी सत्यता की जांच की मांग की गई है।
आवेदन में जीएसटी विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए एक फर्म के पंजीयन निरस्त होने तथा संबंधित बिलों की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं। आवेदक का आरोप है कि कुछ बिलों और भौतिक सत्यापन से जुड़े तथ्यों को जांच प्रतिवेदन में सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
गवाहों के समक्ष दोबारा जांच कराने की मांग
दीपक कुमार गुप्ता ने आवेदन में बताया कि स्थल निरीक्षण के दौरान कुछ प्रत्यक्षदर्शी मौजूद थे। उन्होंने नवीन मित्तल, कृति कुमार प्रजापति, रामदास महंत और शिरोमणि सिंह ठाकुर सहित अन्य गवाहों के समक्ष दोबारा पारदर्शी भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
चार प्रमुख मांगें रखीं
आवेदक ने जनपद पंचायत पोंड़ी उपरोड़ा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन क्रमांक 3042/2026 को निरस्त करने, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच समिति गठित करने, कथित अनियमितताओं में संलिप्त अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा यदि वित्तीय गड़बड़ी प्रमाणित होती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
इस संबंध में 26 अक्टूबर 2026 को जिला कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत किया गया। अब मामले में प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
