
रिपोर्ट: अतुल श्रीवास्तव, जिला – मुंगेली (छत्तीसगढ़)
मुंगेली// प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली द्वारा बिरनपुर प्रकरण पर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय, जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा सहित जिला, शहर, ब्लॉक व समस्त प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय ने कहा कि सीबीआई की चार्जशीट से स्पष्ट हो गया है कि बिरनपुर घटना में भाजपा ने सांप्रदायिक और जातीय कार्ड खेलकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की थी।
सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना दो बच्चों के झगड़े से शुरू होकर दो परिवारों तक सीमित थी, बाद में इसे समुदायों के बीच संघर्ष का रूप दे दिया गया। पाण्डेय ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा तय जांच बिंदुओं में राजनीतिक षड्यंत्र शामिल नहीं किया गया, क्योंकि ऐसा होने पर भाजपा की भूमिका उजागर हो जाती।
वहीं जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने कहा कि सीबीआई की चार्जशीट ने भाजपा का असली चेहरा उजागर कर दिया है। उस समय भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर झूठे आरोप लगाकर सांप्रदायिक माहौल बनाने की कोशिश की थी। भाजपा ने इस घटना को चुनावी मुद्दा बनाकर पूरे प्रदेश में धार्मिक ध्रुवीकरण का वातावरण तैयार किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने घटना स्थल पर जाकर भड़काऊ भाषण दिए और स्थिति को और भड़काया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपनी चुनावी सभाओं में इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को धार्मिक रंग देने की कोशिश की।
वर्मा ने कहा कि सीबीआई की जांच से स्पष्ट हुआ कि कांग्रेस सरकार की उस समय की कार्रवाई पूरी तरह उचित थी। भाजपा ने तुष्टिकरण का झूठा आरोप लगाकर कांग्रेस को बदनाम करने का प्रयास किया। ईश्वर साहू द्वारा लगाए गए आरोप भी असत्य साबित हुए, क्योंकि सीबीआई की चार्जशीट में आरोपित अंजोर यदु का कोई उल्लेख नहीं मिला।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा के इस षड्यंत्र से कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान हुआ। अब जब सीबीआई की रिपोर्ट सामने आ चुकी है, तो उपमुख्यमंत्री अरुण साव को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए और प्रधानमंत्री मोदी व गृह मंत्री शाह को छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
इस अवसर पर शैलेश पाण्डेय, घनश्याम वर्मा, श्याम जायसवाल, आत्मा सिंह क्षत्रिय, हेमेन्द्र गोस्वामी, रोहित शुक्ला, स्वतंत्र मिश्रा, दिलीप बंजारा, अरविंद वैष्णव, अभिलाष सिंह, आरिफ खोखर, उर्मिला यादव, मंजू शर्मा, अनीता विश्वकर्मा, इंद्रजीत कुर्रे, राजेश छेदईया, सागर सोलंकी, जलेश यादव, भूपेन्द्र साहू, विष्णु खांडे, असद खोखर, विनय कुमार, तारणी विश्वकर्मा, सतीश यादव, मनहरण, अखिलेश साहू, राजेश सोनी, धीरेन्द्र कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।






