
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा, अप्रैल 2026।
जिले में औद्योगिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर ओंकार यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा और सभी संस्थानों को कड़ाई से नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने कहा कि कोरबा एक प्रमुख औद्योगिक जिला है, जहां श्रमिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी उद्योगों को निर्देश दिए गए कि वे अपने प्रतिष्ठानों में सुरक्षा उपकरण, मशीनरी और सिस्टम को पूरी तरह क्रियाशील रखें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
बैठक में अग्निशमन व्यवस्था, फायर अलार्म, सीसीटीवी निगरानी, मशीनों का सुरक्षित संचालन, उपकरणों का नियमित रखरखाव, बॉयलर सुरक्षा और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में रेड, ग्रीन और येलो जोन निर्धारित करने तथा आपातकालीन संपर्क नंबर कार्यस्थल पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए।
औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए डस्ट कलेक्शन सिस्टम, फिल्टर और जल छिड़काव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही श्रमिकों और वाहन चालकों की नियमित स्वास्थ्य जांच, विशेषकर आंखों की जांच के लिए शिविर आयोजित करने पर बल दिया गया, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विजय सिंह पोटाई ने प्रस्तुति के माध्यम से पीपीई किट, हेलमेट, सुरक्षा जूते, इलेक्ट्रिकल एवं केमिकल सेफ्टी, फायर सेफ्टी, मॉकड्रिल, प्रशिक्षण मॉड्यूल सहित सभी सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई औद्योगिक दुर्घटनाओं से सीख लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज ने डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान, आपातकालीन संचार व्यवस्था और राहत कार्यों की तैयारी पर विस्तार से चर्चा करते हुए उद्योगों को किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा से समझौता न करने की सख्त हिदायत दी।
उद्योग विभाग के अधिकारी विजय कारे ने नई औद्योगिक नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं और सब्सिडी की जानकारी दी, वहीं श्रम अधिकारी नीतीश विश्वकर्मा ने मजदूरों के वेतन, ईपीएफ, ईएसआईसी और मुआवजा संबंधी प्रावधानों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में NTPC, BALCO, SECL, Adani Group, CSEB, Indian Oil Corporation सहित जिले के सभी प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश:
औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन ही किसी भी दुर्घटना को रोकने का एकमात्र प्रभावी उपाय है।
