✍️ भागीरथी यादव
कोरबा, 17 जुलाई 2026।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026” के तहत कोरबा में लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण निराकरण के लिए प्री-सिटिंग एवं री-सिटिंग का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आपसी सहमति, संवाद और सुलह के माध्यम से न्याय को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाना है।
यह विशेष अभियान 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हुआ है, जिसकी परिणति 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत में होगी। इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा एवं तालुका विधिक सेवा समिति के मध्यस्थता केंद्र में लगातार सुलह बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों में संबंधित पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को आमंत्रित कर वार्ता के माध्यम से विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में गठित प्रशिक्षित मध्यस्थों की समिति द्वारा पक्षकारों को व्यक्तिगत रूप से एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुलह प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार को तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री सुनील कुमार नन्दे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्षकारों के साथ प्री-सिटिंग/री-सिटिंग आयोजित कर आपसी सुलह-वार्ता की। उन्होंने पक्षकारों को समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान कर राजीनामे के आधार पर प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए प्रेरित किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संबंधित पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे समाधान समारोह में सक्रिय भागीदारी कर आपसी सहमति से विवादों का निपटारा कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने में सहयोग करें।
