अभिषेक बनर्जी ने गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, आदेश सुरक्षित

✍️ भागीरथी यादव

 

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने भोपाल की एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। यह मामला उनके साल 2020 में दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा था।

 

मानहानि केस से शुरू हुआ विवाद

नवंबर 2020 में कोलकाता की एक सभा में दिए गए इस बयान के बाद आकाश विजयवर्गीय ने मई 2021 में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। यह मामला भोपाल की विशेष एमपी/एमएलए अदालत में चल रहा है। अदालत रिकॉर्ड के अनुसार, अभिषेक बनर्जी अब तक किसी भी तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए।

 

गैरहाजिरी पर जारी हुआ था वारंट

लगातार गैरहाजिरी को गंभीर मानते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने उनके खिलाफ 11 और 26 अगस्त 2025 की तारीखों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए अभिषेक ने हाईकोर्ट में राहत की गुहार लगाई है।

 

हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर रखा आदेश सुरक्षित

जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने मामले में अंतरिम राहत को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुन ली हैं। अदालत ने आदेश सुरक्षित रखते हुए जल्द निर्णय सुनाने का संकेत दिया है।

 

इस पूरे प्रकरण ने बंगाल और मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है, खासकर ऐसे समय में जब दोनों दल एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक हमले कर रहे हैं।