
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर/खैरागढ़,
राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी कार्य को अत्यावश्यक सेवा घोषित करते हुए सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किसी भी कर्मचारी द्वारा कार्य से इंकार करने पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) की धारा 4(1) और 4(2) के तहत तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
खैरागढ़ जिले में 50 समिति प्रबंधक अनुपस्थित, FIR के लिए पत्र भेजा
जिला प्रशासन खैरागढ़ के अनुसार जिले के धान उपार्जन केंद्रों में पदस्थ 50 समिति प्रबंधक 15 नवंबर को अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। प्रशासन ने इसे शासन के आदेश का उल्लंघन एवं धान खरीदी जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बाधा मानते हुए पुलिस अधीक्षक को FIR दर्ज करने के लिए पत्र भेजा है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।
नए प्रभारियों और ऑपरेटरों को प्रशिक्षण
धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 51 नए केंद्र प्रभारियों और 51 ऑपरेटरों को धान खरीदी प्रक्रिया, पोर्टल संचालन, माप-तौल, पारदर्शिता और किसान सुविधा से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण के बाद भी अनुपस्थित रहने वालों पर ईएसएमए के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर 4 समिति प्रबंधक निलंबित
धान खरीदी कार्य में लापरवाही और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर इटार, डोकराभाठा, गढ़ाडीह और हनईबंद के 4 समिति प्रबंधकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने दोहराया कि धान खरीदी कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की बाधा, लापरवाही, अनुपस्थिती या असहयोग को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकतानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।






