
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर। प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री सोनमणि बोरा ने आज क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का दौरा कर विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर में “पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत अमलतास के पौधे का रोपण किया। इस मौके पर विज्ञान केंद्र के प्रबंध महानिदेशक श्री प्रशांत कवीश्वर एवं उप सचिव श्रीमती अंकिता गर्ग ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
विज्ञान पार्क में सुधार के निर्देश
प्रमुख सचिव ने विज्ञान पार्क का अवलोकन करते हुए रंगाई-पुताई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र को दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए और अधिक सुगम्य बनाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ संसाधन जोन, अस्थायी प्रदर्शन कक्ष, मापन दीर्घा एवं थ्री-डी थियेटर का अवलोकन किया। साथ ही नाविक को जीपीएस प्रणाली से जोड़ने और गाइडों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
थ्री-डी में देखी अंतरिक्ष यात्रा
थ्री-डी थियेटर में प्रमुख सचिव ने मनुष्य की अंतरिक्ष यात्रा पर आधारित प्रस्तुति का अवलोकन किया और कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने थ्री-डी ग्लासेस की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा थियेटर को और आकर्षक और उपयोगी बनाने पर बल दिया।
स्थानीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर
समीक्षा बैठक में श्री बोरा ने थ्री-डी प्लेनेटोरियम डोम की संख्या बढ़ाने तथा इसे जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के समन्वय से स्कूल-आश्रमों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विज्ञान केंद्र के सभी जोन एवं कार्यक्रमों में गोंडी, हल्बी और छत्तीसगढ़ी जैसी स्थानीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे भी विज्ञान से जुड़ सकें।
सोशल मीडिया के माध्यम से विज्ञान प्रसार का निर्देश
प्रमुख सचिव ने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वेबिनार, टेक टॉक और अन्य डिजिटल कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। उन्होंने आगामी वर्षों के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

विज्ञान दूत कार्यक्रम को मिलेगी नई गति
राज्य में विज्ञान के प्रसार के लिए 100 से अधिक जिला समन्वयक और 1000 से अधिक स्वयंसेवक विज्ञान दूत तैयार किए जाएंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को विज्ञान दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
इसके साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
द्वितीय फेज विस्तार और सुरक्षा मानकों पर फोकस
प्रमुख सचिव ने विज्ञान केंद्र के द्वितीय चरण के विस्तार की कार्ययोजना जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। केंद्र की पुनर्व्यवस्था, फायर सेफ्टी ऑडिट, विद्युत उपकरणों की जांच और किसी भी खराब उपकरण की 24 घंटे के अंदर मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने सैटेलाइट डेटा के माध्यम से भूमि अनुप्रयोग जांच कार्य को गति शक्ति योजना से जोड़कर आंकलन करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में वैज्ञानिक डॉ. शिरीष कुमार सिंह, डॉ. अमित मेश्राम, डॉ. अमित राम सहित विज्ञान केंद्र के अधिकारी उपस्थित रहे।






