
✍️ भागीरथी यादव
खगड़िया।
बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद ही अपराधियों ने बेखौफ होकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी है। शुक्रवार को जिले में हुए एक सनसनीखेज हमले ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। गंगौर थाना क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप कुमार को अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर घायल कर दिया। गोली सीधे उनके सीने में लगी, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर है।

त्रिभुवन टोला पुलिया के पास घात लगाकर हमला
वारदात बिशनपुर मोड़ स्थित त्रिभुवन टोला पुलिया के पास हुई। 56 वर्षीय दिलीप कुमार किसी निजी कार्य से वहां पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए अज्ञात हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर दी।
गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हमलावर फरार हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें खगड़िया सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया।

राजनीति में सक्रिय चेहरा, पूर्व महामंत्री रह चुके हैं
दिलीप कुमार खगड़िया भाजपा का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में मंडल कार्यसमिति सदस्य के रूप में सक्रिय हैं।
सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ के कारण इस हमले से राजनीतिक हलकों में गहरा रोष है।
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पत्नी का दर्द – “उन्होंने सिर्फ इतना कहा… मुझे किसी ने गोली मार दी है”
घटना के बाद दिलीप कुमार की पत्नी बेहद सदमे में हैं। उन्होंने बताया—
“मुझे उनके फोन पर बस इतना सुनाई दिया कि मुझे किसी ने गोली मार दी है… इसके बाद कुछ भी नहीं कह पाए।”
परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में तनाव का माहौल व्याप्त है।
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पुलिस जांच में जुटी, अपराधियों की तलाश तेज
गंगौर थानाध्यक्ष सुंदर पासवान ने बताया कि फिलहाल पीड़ित का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा—
“अभी पीड़ित पक्ष से लिखित शिकायत नहीं मिली है। फिर भी पुलिस ने केस की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।”
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कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल
नए शासन के कार्यभार संभालते ही राजनीतिक हस्ती पर इस तरह का हमला बिहार की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों में कोई डर नहीं है और पुलिस को तुरंत कठोर कार्रवाई करके अपराधियों को पकड़ना चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि इस हमले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले।








