जटगा रेंज के धवलपुर में दर्दनाक घटना, चार दिन पहले भी हाथी के हमले में एक महिला की गई थी जान
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, वन विभाग पर समय पर सूचना नहीं देने का आरोप
सुशील जायसवाल
कटघोरा/धवलपुर।
कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत आने वाले जटगा रेंज में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर जंगली हाथी ने एक ग्रामीण की जान ले ली। ताजा घटना ग्राम पंचायत धवलपुर की है, जहां अपने मवेशियों की तलाश में जंगल गए एक अधेड़ व्यक्ति को दंतैल हाथी ने पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत धवलपुर के बधवापारा निवासी लगभग 35 वर्षीय ग्रामीण , संतोष पिता शिवमंगल सिंह, बीती रात करीब 9 बजे अपने मवेशियों की खोज में गांव से लगे जंगल की ओर निकले थे। इसी दौरान जंगल में पहले से मौजूद एक दंतैल हाथी से उनका सामना हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की जानकारी वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी गई, जिसके बाद वन अमला मौके पर पहुंचा और आगे की कार्रवाई शुरू की।

हाथीओ को झुंड में देखा गया
चार दिन पहले भी गई थी एक महिला की जान
जटगा रेंज में यह कोई पहली घटना नहीं है। महज चार दिन पहले ही समीपस्थ ग्राम सालियाभाटा में एक महिला की हाथी के हमले में दर्दनाक मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र के लोग भय और दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का दल पिछले कई दिनों से क्षेत्र में विचरण कर रहा है, लेकिन वन विभाग की ओर से न तो मुनादी कराई गई और न ही ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया गया।
वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रभावित गांवों में हाथियों की मौजूदगी की सूचना समय पर नहीं दी गई, जिससे लोग अनजान होकर जंगल और खेतों की ओर जाते रहे। यदि समय रहते चेतावनी जारी की जाती तो शायद एक और परिवार को अपना सदस्य नहीं खोना पड़ता।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों के बावजूद वन विभाग की ओर से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। लोगों ने प्रभावित गांवों में नियमित गश्त, मुनादी और हाथियों की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात करने की मांग की है।
क्षेत्र में दहशत का माहौल
लगातार हो रहे हाथी हमलों से धवलपुर, सालियाभाटा और आसपास के गांवों के लोग दहशत में हैं। शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि उन्हें अपने खेतों और मवेशियों की देखभाल के लिए जंगल और खेतों की ओर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, एक सदस्य को रोजगार तथा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं वन विभाग ने लोगों से रात के समय जंगल की ओर न जाने और हाथियों की गतिविधियों की सूचना मिलने पर सतर्क रहने की अपील की है।
लगातार दूसरी मौत के बाद जटगा रेंज में हाथियों का आतंक एक बार फिर बड़ा सवाल बन गया है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।
