देश में दवा सुरक्षा पर कड़ी निगरानी: अक्टूबर 2025 में 211 दवा नमूने फेल, बिहार–दिल्ली से स्प्यूरियस दवाएं बरामद

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली। देश में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर केंद्रीय और राज्य औषधि नियामक संस्थान सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने अक्टूबर 2025 की गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 63 दवा नमूनों को मानक के अनुरूप न पाने की पुष्टि की है। वहीं राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 148 नमूनों को NSQ (Not of Standard Quality) श्रेणी में रखा है। यानी कुल 211 दवा नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए। CDSCO ने स्पष्ट किया है कि किसी दवा का NSQ पाया जाना केवल उसके एक विशेष बैच तक सीमित होता है। इससे उसी दवा के अन्य बैचों या ब्रांडों की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। नियामक संस्थान नियमित रूप से बैच-वार सैंपल लेकर जांच करता है, ताकि बाजार में सुरक्षित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बिहार से तीन और दिल्ली से दो दवा नमूने स्प्यूरियस (नकली/संदिग्ध) पाए गए हैं। जांच में सामने आया कि ये दवाएं अनधिकृत निर्माताओं द्वारा तैयार की गई थीं, जिन्होंने नामी कंपनियों के ब्रांड नाम का दुरुपयोग किया। मामला गंभीर होने के कारण इसे उच्च-स्तरीय जांच के लिए भेज दिया गया है तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। नियामकों ने कहा कि देशभर में औषधि निरीक्षण को और कठोर किया जा रहा है, ताकि बाजार से निम्न गुणवत्ता और नकली दवाओं को तुरंत हटाया जा सके। यह कदम जनता के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और दवा आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। CDSCO और राज्यों की सक्रियता यह संकेत देती है कि देश की औषधि नियामक प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है और सरकार गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अंतर्राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कोरबा के मेहुल, प्रयांश, नितेश, करण और अमित ने भूटान में लहराया तिरंगा, जीते स्वर्ण-रजत पदक

  ✍️ भागीरथी यादव भूटान की राजधानी थिंफू में 14 से 17 नवंबर तक आयोजित संयुक्त भारतीय खेल फाउंडेशन (SBKF) इंटरनेशनल गेम्स-2025 में कोरबा जिले के खिलाड़ियों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए। 22 खेलों के इस महाकुंभ की मेजबानी इन्दु श्री ऑर्गेनाइजेशन ने की, जिसे नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल भूटान का समर्थन प्राप्त था। कोरबा से चयनित पाँच पावरलिफ्टरों ने भारतीय दल का प्रतिनिधित्व किया और सभी ने दमदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का परचम बुलंद किया— 🏅 खिलाड़ी एवं उपलब्धियां मेहुल प्रधान (U/19, 62 किग्रा) — कुल 370 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक प्रयांश सिंह कंवर (U/23, 60 किग्रा) — कुल 435 किग्रा भार के साथ स्वर्ण पदक अमित कुमार गुप्ता (सीनियर, 49 किग्रा) — कुल 340 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक नितेश कुमार बरेठ (U/23, 69 किग्रा) — कुल 475 किग्रा उठाकर रजत पदक करण कुमार यादव (U/23, 63 किग्रा) — कुल 380 किग्रा भार के साथ स्वर्ण पदक इन सभी खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद संघर्ष, इच्छाशक्ति और समर्पण की मिसाल पेश की। आर्थिक चुनौतियों के बीच चमकी मेहनत खिलाड़ियों की उपलब्धियां इसलिए भी प्रेरणादायक हैं क्योंकि इनमें से कई बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं— नितेश बरेठ—पिता ठेके में मजदूरी करते हैं। मित्रों से उधार लेकर बेटे को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया। अमित कुमार गुप्ता (समोसा वाले)—खुद छोटे-मोटे काम करते हुए और परिवार की मदद से अपनी खेल यात्रा जारी रखी। मेहुल प्रधान, जो मिस्टर छत्तीसगढ़ 2024 (मॉडलिंग) भी रह चुके हैं, ने पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम काम कर अपनी खेल आकांक्षाओं को जिंदा रखा। ये सभी खिलाड़ी राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक के बाद एक मेडल जीतकर जिले का गौरव बढ़ा रहे हैं। भारत का दबदबा इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, म्यांमार और अफगानिस्तान के खिलाड़ी शामिल हुए थे। आयरन गेम्स की पावरलिफ्टिंग स्पर्धाओं में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अपना मजबूत दबदबा बनाए रखा। टीम और कोचों ने दी बधाई (SBKF) के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री पंकज गावले, भारतीय टीम के कोच श्री हरिनाथ, श्री दीपक सिदार, श्रीमती हेमलता, श्री दिनेश साहू, श्री रोहन, श्री समीर, श्री विनोद कुमार, श्री संजय, श्री बसंत, कुमारी मोनिका, श्री निशांत, श्री धर्मेश, श्री अमित शर्मा, श्री संदीप महतो तथा गिव फिटनेस टीम ने सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। — कोरबा के इन होनहार पावरलिफ्टरों ने न केवल पदक जीते, बल्कि यह साबित किया कि हौसलों की उड़ान किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।

अनमोल बिश्नोई की अमेरिका से डिपोर्टेशन, दिल्ली में एनआईए ने किया गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव कई हाई-प्रोफाइल आतंकी व आपराधिक मामलों में रहा वांटेड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और एनआईए के मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने 18 नवंबर 2025 को उसकी डिपोर्टेशन की पुष्टि करते हुए शिकायतकर्ता जीशान सिद्दीकी को ईमेल भेजा था। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही एनआईए ने उसे हिरासत में ले लिया और बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां उसे 11 दिन की एनआईए रिमांड पर भेज दिया गया। अमेरिका में गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन प्रक्रिया अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एफबीआई ने डीएनए और वॉयस सैंपल के आधार पर उसकी पहचान की थी। इसके बाद करीब एक साल तक डिपोर्टेशन की लंबी कानूनी प्रक्रिया चली। बताया गया कि वह नेपाल, दुबई और केन्या के रास्ते फर्जी पासपोर्ट पर अप्रैल 2022 में अमेरिका पहुंचा था। एक के बाद एक गंभीर अपराधों में शामिल मार्च 2023 में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग की आतंकवादी-गैंगस्टर साजिश से जुड़े मामले में 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल कर अनमोल को आरोपी बनाया था। जांच में पता चला कि 2020 से 2023 के बीच वह अमेरिका में बैठकर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ के निर्देश पर भारत में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिला रहा था। शूटरों को हथियार, फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट देना छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराना गैंग के ऑपरेशनों की विदेश से मॉनिटरिंग उसका नाम देश की कई हाई-प्रोफाइल वारदातों में सामने आया— सिद्धू मूसेवाला की हत्या (2022): हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट का आरोप सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग (अप्रैल 2024): मुख्य भूमिका बाबा सिद्दीकी की हत्या (अक्टूबर 2024): साजिशकर्ता 18 अन्य मामले: हत्या, जबरन वसूली, हथियार तस्करी आदि एनआईए की कार्रवाई जारी अनमोल बिश्नोई को 2022 से फरार रहते हुए एनआईए ने ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल किया था और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अमेरिका से उसकी गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन को एजेंसियों बड़ी सफलता मान रही हैं। उसके कब्जे से मिला फर्जी पासपोर्ट भी उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि करता है। एनआईए अब उसकी रिमांड के दौरान विदेशों में फैले गैंग के नेटवर्क, सप्लाई चैन और फाइनेंसिंग से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी।  

दिल्ली में दहशत फैलाने की कोशिश नाकाम: दो स्कूलों और तीन अदालतों को मिली बम धमकी, छानबीन में कुछ संदिग्ध नहीं

✍️ भागीरथी यादव   देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह अफरा-तफरी का माहौल तब बन गया, जब दो स्कूलों और तीन प्रमुख जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। सुरक्षा एजेंसियों के सक्रिय होते ही सभी स्थलों को खाली कराया गया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।   पुलिस के अनुसार, धमकी भरे ईमेल द्वारका स्थित सीआरपीएफ स्कूल और प्रशांत विहार के एक स्कूल में प्राप्त हुए—यह वही क्षेत्र है, जहां पिछले वर्ष एक विस्फोट हुआ था। इसके अलावा, साकेत कोर्ट, पटियाला हाउस कोर्ट और रोहिणी कोर्ट को भी एक जैसे धमकी संदेश भेजे गए।   तत्काल खाली कराए गए परिसर, हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां   सूचना के बाद पुलिस, अग्निशमन दल और बम निरोधक दस्ते तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों स्कूलों के छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और अदालत परिसरों में भी सुरक्षात्मक कदम उठाए गए। साकेत बार एसोसिएशन के सचिव अनिल बसोया ने बताया कि एहतियात के तौर पर कोर्ट की कार्रवाई दो घंटे के लिए रोकी गई, जिसे लंच के बाद पुनः शुरू कर दिया जाएगा।   अफवाह निकली धमकी, फिर भी बढ़ाई गई सुरक्षा   अब तक की गई जांच में किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। धमकी वाले ईमेल को प्रारंभिक जांच में अफवाह माना गया है, लेकिन पुलिस ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी में सभी जिला अदालतों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।   हालिया धमकियों की कड़ी और पिछले सप्ताह के विस्फोट से जुड़ाव की जांच   दिल्ली में हाल के दिनों में धमकी भरे ईमेलों का यह दूसरा प्रमुख मामला है। यह घटनाएं उस समय सामने आई हैं, जब कुछ ही दिन पहले दिल्ली में हुंडई i20 कार में हुए धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे में पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही।   पुलिस की अपील   दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से शांत रहने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है।  

कटरा: वैष्णो देवी यात्रा में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन दुरुस्त करने अधिकारियों की अहम बैठक

✍️ भागीरथी यादव   कटरा स्थित आध्यात्मिक विकास केंद्र में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ सचिन कुमार वैश्य की अध्यक्षता में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई।   बैठक में श्राइन बोर्ड, रियासी पुलिस, सीआरपीएफ, अग्निशमन व आपातकालीन सेवाओं सहित सभी संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया। सीईओ ने कहा कि नियमित मॉक ड्रिल बेहद जरूरी हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने एनडीआरएफ को अंतर-एजेंसी समन्वय और अभ्यास बढ़ाने के निर्देश दिए।   अग्निशमन विभाग को ट्रैक और श्राइन क्षेत्र का व्यापक अग्नि सुरक्षा ऑडिट करने को कहा गया। साथ ही एसओपी के कड़ाई से पालन, आपदा प्रबंधन भंडारों की जांच, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और दुकानों व ट्रैक किनारे काम करने वालों के त्वरित सत्यापन पर जोर दिया गया।   आईसीसीसी की वास्तविक समय निगरानी और निर्णय प्रणाली को तीर्थ सुरक्षा की रीढ़ बताते हुए सीईओ ने सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता की नियमित जांच तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल खरीद के निर्देश दिए।   सीईओ ने तीर्थ मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की भी सिफारिश की, ताकि पूरे मार्ग पर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके। सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय और तैयारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

मणिपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: 48 घंटे में तीन उग्रवादी संगठन ध्वस्त, भारी हथियार बरामद

✍️ भागीरथी यादव   मणिपुर में जारी जातीय तनाव के बीच सुरक्षाबलों ने बीते 48 घंटों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीन प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों—यूएनएलएफ, पीएलए और पीआरईपीएके (प्रोग्रेसिव)—के सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया। संयुक्त अभियानों में एम-16 राइफल, एलआर और .303 हथियार, 52 मैगजीन, मोटो बम, पिस्टलें, ग्रेनेड, वॉकी-टॉकी सहित भारी मात्रा में युद्ध सामग्री बरामद की गई।   इंफाल वेस्ट के मोइरांग पोक, क्वाकेथेल और लैरेनसाजिक क्षेत्रों में असम राइफल्स व स्थानीय पुलिस कमांडो ने ऑपरेशन चलाकर तीन कैडरों को दबोचा। इसके अलावा 15 नवंबर को न्गाइरांगबाम के एक संदिग्ध ठिकाने से हथियारों का बड़ा जखीरा मिला।   असम राइफल्स ने कहा कि उग्रवादी गुट हाल के महीनों में फिर से सक्रिय होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लगातार मिल रही सफलताएँ बताती हैं कि सुरक्षा बल राज्य में शांति बहाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

सऊदी अरब में भीषण सड़क हादसा: मदीना के पास बस–टैंकर टक्कर में कई भारतीय उमराह यात्रियों की मौत, जांच जारी

✍️ भागीरथी यादव   सऊदी अरब से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मक्का से मदीना जा रही उमराह यात्रियों से भरी एक बस सोमवार तड़के मदीना के पास डीज़ल टैंकर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि देखते-ही-देखते बस में भयंकर आग लग गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दुर्घटनास्थल पर उठती लपटें और गाढ़ा काला धुआं साफ नजर आ रहा है। हादसे में कितने लोगों की मौत हुई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या 40 से अधिक हो सकती है। बताया जा रहा है कि बस में भारतीय तीर्थयात्री भी मौजूद थे। भारतीय दूतावास सक्रिय, जारी किया 24×7 हेल्पलाइन नंबर जेद्दा स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने हादसे के तुरंत बाद नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। दूतावास ने बताया कि किसी भी सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 8002440003 पर संपर्क किया जा सकता है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा वाणिज्य दूतावास दोनों ही हादसे में प्रभावित भारतीयों और उनके परिवारों को हर संभव मदद प्रदान कर रहे हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने जताया दुख भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि हादसे से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है तथा दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जयशंकर ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। तेलंगाना सरकार भी सक्रिय, सीएम रेवंत रेड्डी ने दिए निर्देश तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी हादसे पर दुख जताया है। सरकार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में अधिकारियों से संपर्क कर लिया है और दूतावास के साथ मिलकर प्रभावित लोगों की मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार, जांच जारी फिलहाल सऊदी प्रशासन तथा भारतीय दूतावास दोनों हादसे से जुड़े तथ्यों की पुष्टि कर रहे हैं। मृतकों और घायलों की सटीक संख्या का आधिकारिक बयान जल्द जारी होने की उम्मीद है। यह दर्दनाक घटना उमराह पर गए भारतीय श्रद्धालुओं के लिए गहरा सदमा लेकर आई है, जबकि पूरे देश में शोक की लहर है।

मंडी में दिल दहला देने वाली घटना: पत्नी पर तेजाब फेंककर छत से धक्का, आरोपी पति गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   हिमाचल – प्रदेश के मंडी शहर में शनिवार देर शाम एक भयावह वारदात सामने आई। सैन मोहल्ला में रहने वाले नंदलाल ने आपसी विवाद के दौरान अपनी पत्नी पर तेजाब फेंककर उसे घर की छत से नीचे धक्का दे दिया। 50 प्रतिशत तक झुलसी महिला को पहले जोनल अस्पताल मंडी और फिर गंभीर हालत के कारण एम्स बिलासपुर रेफर किया गया है। दोनों धर्मपुर क्षेत्र के निवासी हैं और लंबे समय से मंडी में रह रहे थे।   वारदात के बाद नंदलाल घर की ऊपरी मंजिल में छिप गया, लेकिन पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे गिरफ्तार कर लिया। एएसपी अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।   यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा की गंभीरता को उजागर करती है।

विशेष गहन पुनरीक्षण : देशभर में मतदाता पर्चियों की छपाई-दर 100% के करीब, वितरण में गोवा–लक्षद्वीप अव्वल

✍️ भागीरथी यादव   भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण में मतदाता पर्चियों (EPF) की छपाई और वितरण की प्रगति का अपडेट जारी किया है। आयोग के अनुसार अधिकांश राज्यों में कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। रविवार दोपहर 3 बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, 50 करोड़ 99 लाख 72 हजार 687 मतदाताओं हेतु 50 करोड़ 97 लाख 43 हजार 180 पर्चियों की छपाई पूरी हो चुकी है, जो 99.95 प्रतिशत है। इसमें राजस्थान को छोड़कर सभी राज्यों ने 100 प्रतिशत छपाई का लक्ष्य हासिल किया है।   वितरण के मामले में गोवा और लक्षद्वीप ने शत-प्रतिशत सफलता दर्ज कर उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं केरल (93.72%) और पुडुचेरी (94.10%) सबसे निचले पायदान पर रहे। अब तक कुल 49 करोड़ 73 लाख 39 हजार 480 पर्चियों का वितरण हो चुका है, जो 97.52 प्रतिशत है।   राज्यवार प्रगति   अंडमान-निकोबार : 100% छपाई, 99.94% वितरण   छत्तीसगढ़ : पूर्ण छपाई, 96.60% वितरण   गोवा : 100% छपाई व 100% वितरण   गुजरात : 99.16% वितरण   केरल : 93.72% वितरण—सबसे कम   लक्षद्वीप : 100% छपाई व 100% वितरण   मध्य प्रदेश : 99.45% वितरण   राजस्थान : छपाई 99.58%, वितरण 98.15%   तमिलनाडु : 93.67% वितरण   उत्तर प्रदेश : 97.64% वितरण   पश्चिम बंगाल : 99.16% वितरण     यह विशेष गहन पुनरीक्षण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा, जिसमें मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन और EPF वितरण शामिल है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने की अपील की है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।   देशभर में इस समय 5,33,093 बीएलओ और 10,41,291 बीएलए तैनात हैं, जो घर–घर जाकर पर्ची वितरण और सत्यापन का कार्य संभाल रहे हैं।   मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि 4 दिसंबर तक 100% वितरण सुनिश्चित करें। मतदाता पर्ची में नाम, फोटो, पता और मतदान केंद्र की जानकारी दी जाती है, जो चुनाव के दिन बेहद महत्वपूर्ण होती है।   आयोग ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें उनकी पर्ची प्राप्त नहीं होती, तो तुरंत अपने नजदीकी बीएलओ से संपर्क करें, ताकि मतदान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।   लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यह पुनरीक्षण प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का अहम कदम माना जा रहा है।

पुणे में दिल दहला देने वाली हत्या: जमीन विवाद में दोस्त बने दुश्मन, गोली मारकर कार से रौंदा

✍️ भागीरथी यादव   पुणे – पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे शहर को दहला दिया है। जमीन और निवेश को लेकर चल रहे विवाद ने तीन दोस्तों के रिश्ते को खूनखराबे में बदल दिया। इस सनसनीखेज हत्या का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वारदात की पूरी कहानी कैद है।   कैसे हुई वारदात? मृतक की पहचान नितिन गिलबिले के रूप में हुई है। सामने आए वीडियो में दिखता है कि आरोपी दोस्त—अमित पठारे और विक्रांत ठाकुर—नितिन के साथ कार में थे। बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने नितिन के सिर में बेहद नजदीक से गोली मार दी। गोली लगते ही नितिन की मौके पर ही मौत हो गई।   इसके बाद दोनों आरोपी नितिन के शव को कार से बाहर फेंक देते हैं। क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई—उन्होंने फॉर्च्यूनर कार को पीछे मोड़ा और शव के पैरों पर चढ़ाकर घटनास्थल से फरार हो गए।   जमीन विवाद बना मौत की वजह पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों के बीच जमीन या निवेश से जुड़े पैसों को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। इसी का नतीजा निर्मम हत्या के रूप में सामने आया।   तफ्तीश तेज, आरोपियों की तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं। CCTV फुटेज से मिले सुरागों के आधार पर दिघी पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।   पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा।   यह घटना न केवल अपराध की क्रूरता दिखाती है, बल्कि इस बात का भी सबक देती है कि मामूली विवाद जब अनियंत्रित हो जाए तो वह किस हद तक जानलेवा रूप ले सकता है।

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