बीजापुर में बड़ी वारदात: ठेकेदार का नक्सलियों ने अपहरण कर की हत्या, इलाके में तनाव
✍️ भागीरथी यादव बीजापुर। सड़क निर्माण कार्य के दौरान नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए ठेकेदार इम्तियाज़ अली की हत्या की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है। हालांकि सुरक्षा बलों ने अभी तक शव बरामद नहीं किया है, लेकिन मौके से मिले संकेतों और स्थानीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ठेकेदार की मौत की आशंका प्रबल हो गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ठेकेदार को जबरन जंगल की ओर ले गया था। उनके साथ काम करने वाला एक सहयोगी किसी तरह जान बचाकर मेटागुड़म कैंप पहुंचा और घटना की जानकारी सुरक्षा बलों को दी। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। कई टीमें जंगलों में तलाशी अभियान चला रही हैं, लेकिन अब तक ठेकेदार का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से नक्सलियों के निशाने पर रहे हैं, और यह घटना एक बार फिर विकास कार्यों को बाधित करने की नक्सली रणनीति की पुष्टि करती है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में नक्सलियों की हलचल पिछले कुछ दिनों से बढ़ी हुई थी, और सुरक्षा बल इस घटना को उसी गतिविधि से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस को कुछ प्रारंभिक इनपुट मिले हैं, जिनकी तस्दीक जारी है। फिलहाल सुरक्षा बल ठेकेदार का पता लगाने और मामले की पुष्टि के लिए अभियान जारी रखे हुए हैं।
ग़रीब परिवार से आने वाले युवक ने कंपनी पर वेतन हड़पने का लगाया आरोप, क्षेत्रीय अपर आयुक्त से न्याय की गुहार
✍️ भागीरथी यादव ग़रीब युवक का वेतन हड़पने का गंभीर आरोप, NTPC विभाग से मिला आश्वासन भी बेअसर—ठेकेदार ने अकाउंट से वापस ले लिए 2,36,629 रुपये बिलासपुर/रायगढ़। कोरबा दर्री – ग़रीब परिवार से आने वाले और बड़ी मुश्किलों से घर का खर्च चलाने वाले युवक निशांत सिंह ने ग्रीनएजर्स एनवायर सॉल्यूशंस एंड सर्विसेज कंपनी पर वेतन न देने के साथ-साथ भारी आर्थिक शोषण करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। लगातार वेतन न मिलने और भुगतान में मनमानी के बाद निशांत सिंह ने क्षेत्रीय अपर आयुक्त को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। — काम किया, लेकिन वेतन नहीं मिला — उल्टा पैसे वापस ले लिए गए निशांत सिंह नवंबर 2023 से कंपनी के 150 KLD STP BASED ON MBER TECHNOLOGY AT CISF COLONY, NTPC कोरबा प्रोजेक्ट में साइट ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। निशांत का परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, और वेतन रोक दिए जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। — ठेकेदार ने अकाउंट में आए वेतन से भी पैसे वापस ले लिए — कुल 2,36,629 रुपये की कटौती निशांत ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी के ठेकेदार ने उसके बैंक अकाउंट में आए वेतन में से कई बार पैसे वापस ले लिए। इन कटौतियों की कुल राशि ₹2,36,629 है, जो उसके लिए एक बड़ा आर्थिक नुकसान है। निशांत के अनुसार— > “मेहनत करने के बाद भी पूरा वेतन नहीं मिला। उल्टा मेरे खाते से बार-बार पैसे वापस ले लिए गए। यह खुली धोखाधड़ी है।” निशांत ने इसके प्रमाण के तौर पर बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन विवरण भी अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं। — NTPC के डीजीएम से फोन पर बात — कॉल रिकॉर्ड भी मौजूद वेतन न मिलने पर निशांत ने NTPC O&M सिविल विभाग के डीजीएम सुजीत कुमार से फोन पर बात की थी। फोन वार्ता के दौरान डीजीएम ने सहानुभूति जताते हुए कहा था कि— > “अक्टूबर का वेतन दिला दिया जाएगा।” लेकिन अब तक निशांत को एक भी महीने का पूरा वेतन नहीं मिला। निशांत के पास इस बातचीत का कॉल रिकॉर्ड भी मौजूद है, जिससे उसका दावा और मजबूत होता है। — कंपनी पर लगातार धोखाधड़ी का आरोप निशांत का कहना है कि कंपनी के अधिकारी झूठे बहाने बनाकर भुगतान टालते रहे। उसने UPI रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, चैट और कॉल रिकॉर्ड को प्रमाण के रूप में पेश किया है। —
प्रशासन के संरक्षण में जिओ स्पार का अवैध निर्माण
✍️भागीरथी यादव प्रशासन की नाक के नीचे जिओ स्पार का अवैध निर्माण, बढ़ रही गंभीर चिंताएँ कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी की कोरबा पश्चिम विस्तार परियोजना में कार्यरत निजी कंपनी जिओ स्पार इन दिनों मनमानी पर उतरी हुई है। जिला प्रशासन, नगर निगम, पर्यावरण विभाग सहित किसी भी संबंधित विभाग से अनुमति लिए बगैर अवैध बैंचिंग प्लांट का संचालन खुलेआम जारी है। प्रशासनिक उपेक्षा ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया में अवैध निर्माण संबंधी समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कंपनी ने ना तो काम रोका और ना ही किसी नियम का पालन किया। अपनी पहुंच का प्रभाव दिखाते हुए जिओ स्पार बेखौफ ढंग से निर्माण गतिविधियां जारी रखे हुए है। विस्तार परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना था, लेकिन कंपनी ने इस दिशा में भी किसी प्रकार की पहल नहीं की। योग्य और सक्षम युवाओं को अवसर देने के बजाय बाहर से मजदूर बुलाकर काम कराया जा रहा है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। अवैध रूप से संचालित बैंचिंग प्लांट से आसपास के निवासियों को धूल, ध्वनि और वायु प्रदूषण का गंभीर असर झेलना पड़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण ने स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ा दिए हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। जियो स्पार की इस मनमानी ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ज़रूरत है कि संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लेते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनी पर कठोर कार्रवाई करें, जिससे परियोजना का उद्देश्य और जनहित दोनों सुरक्षित रह सकें।
देश में दवा सुरक्षा पर कड़ी निगरानी: अक्टूबर 2025 में 211 दवा नमूने फेल, बिहार–दिल्ली से स्प्यूरियस दवाएं बरामद
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। देश में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर केंद्रीय और राज्य औषधि नियामक संस्थान सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने अक्टूबर 2025 की गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 63 दवा नमूनों को मानक के अनुरूप न पाने की पुष्टि की है। वहीं राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 148 नमूनों को NSQ (Not of Standard Quality) श्रेणी में रखा है। यानी कुल 211 दवा नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए। CDSCO ने स्पष्ट किया है कि किसी दवा का NSQ पाया जाना केवल उसके एक विशेष बैच तक सीमित होता है। इससे उसी दवा के अन्य बैचों या ब्रांडों की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। नियामक संस्थान नियमित रूप से बैच-वार सैंपल लेकर जांच करता है, ताकि बाजार में सुरक्षित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बिहार से तीन और दिल्ली से दो दवा नमूने स्प्यूरियस (नकली/संदिग्ध) पाए गए हैं। जांच में सामने आया कि ये दवाएं अनधिकृत निर्माताओं द्वारा तैयार की गई थीं, जिन्होंने नामी कंपनियों के ब्रांड नाम का दुरुपयोग किया। मामला गंभीर होने के कारण इसे उच्च-स्तरीय जांच के लिए भेज दिया गया है तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। नियामकों ने कहा कि देशभर में औषधि निरीक्षण को और कठोर किया जा रहा है, ताकि बाजार से निम्न गुणवत्ता और नकली दवाओं को तुरंत हटाया जा सके। यह कदम जनता के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और दवा आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। CDSCO और राज्यों की सक्रियता यह संकेत देती है कि देश की औषधि नियामक प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है और सरकार गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर आज राजधानी में देंगे धरना, कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग पर अड़े
✍️ भागीरथी यादव रायपुर :- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर शनिवार को राजधानी रायपुर में धरना देने जा रहे हैं। वे लंबे समय से कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने की मांग उठा रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कलेक्टर के खिलाफ 14 बिंदुओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। कंवर ने शुक्रवार को रायपुर पहुंचकर स्पष्ट कहा कि “जब तक कलेक्टर को हटाया नहीं जाएगा, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” कंवर का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर लगातार अनियमितताएं हो रही हैं, जिनकी शिकायतें वे पहले भी कई बार कर चुके हैं, लेकिन शासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने राजधानी में अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान किया है। इस बीच, शासन स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से ननकीराम कंवर द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद शासन आवश्यक कदम उठा सकता है। वहीं, ननकीराम कंवर के समर्थकों के बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचने और धरने में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
दर्री थाना क्षेत्र में गुंडागर्दी उजागर – ट्रक रोककर वसूली, वीडियो आया सामने
✍️ भागीरथी यादव कोरबा/दर्री। दर्री थाना क्षेत्र में गुंडागर्दी और अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। सूत्रों से पता चला है कि असामाजिक तत्व रात के समय ट्रकों को रोककर चालकों से जबरन पैसे वसूल रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में यह पूरी घटना कैद दिखाई दे रही है, जिसमें दबंगई के साथ उगाही करते लोग नजर आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पैसा न देने पर ट्रक चालकों को धमकाया और मारपीट तक की जाती है। इस वजह से परिवहन कारोबारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है और क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था भी बाधित हो रही है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि प्रभावित चालक और परिवहन संघ इस मामले को लेकर गंभीर चर्चा कर रहे हैं और आगे की रणनीति तय कर रहे हैं।
कोरबा (कटघोरा) – देर रात घर पर फायरिंग, युवक पकड़ा गया
✍️ भागीरथी यादव कोरबा (कटघोरा) — देर रात शहर के एक मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया जब अज्ञात हमलावरों ने स्थानीय निवासी सिकंदर मेमन के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोलियों की आवाज से पूरे मोहल्ले में डर फैल गया और लोग घरों से बाहर निकल आए। फायरिंग में एक गोली घर के दरवाजे को तोड़ते हुए अंदर तक जा पहुंची, जिससे परिवार बुरी तरह सहम गया। घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, और तकनीकी आधार पर भी सुराग जुटाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार गोलीबारी के बाद बाइक से भाग रहे एक संदिग्ध युवक का स्थानीय लोगों ने पीछा किया। बाइक खराब होने पर युवक ने शर्ट बदलकर भीड़ को गुमराह करने की कोशिश की और बस में बैठकर फरार होने की जुगत की, लेकिन स्थानीय युवकों की सतर्कता के कारण वह पकड़ा गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अचानक हुई यह वारदात पूरे इलाके में भय का माहौल बना गई। कई परिवार देर रात तक घरों के दरवाजे बंद कर सहमे रहे, जबकि गली-मोहल्ले और दुकानें सुनसान हो गईं। थानेदार धर्म नारायण तिवारी ने बताया कि पकड़े गए युवक से पूछताछ जारी है और हमलावरों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने निवासियों से अपील की है कि घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत थाने को सूचित करें। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संदिग्धों की तलाश आसपास के इलाकों में भीजारी है।
बड़ी खबर कोरबा कोरबी चोटियां से
सुशील जायसवाल हाथियों के आक्रमण से तनेरा हाई स्कूल प्रभावित, पढ़ाई पर संकट कोरबा। कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज अंतर्गत तनेरा क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। खेतों और घरों को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ अब इसका असर शिक्षा पर भी साफ दिख रहा है। तनेरा स्थित शासकीय हाई स्कूल के प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि स्कूल परिसर के आसपास सुबह 8 बजे से ही हाथियों का झुंड दिखाई देता है। इनकी मौजूदगी से बच्चे और शिक्षक भयभीत हैं। खासतौर पर दूरस्थ गाँवों से आने वाले विद्यार्थी नियमित रूप से स्कूल पहुँचने में असमर्थ हो रहे हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि कई बार हाथियों की वजह से सुबह से लेकर शाम 4 बजे तक पढ़ाई बाधित हो जाती है और बच्चे सुरक्षित घर नहीं लौट पाते। इस कारण अभिभावक अपने बच्चों को भेजने से कतराने लगे हैं। इसी बीच तनेरा, सरमा सहित आसपास के गाँवों में पिछले एक सप्ताह से हाथियों के उत्पात ने ग्रामीणों की नींद हराम कर दी है। फसलों को रौंदे जाने और घरों को क्षति पहुँचाने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने आज सुबह ग्राम सरमा के पास आक्रोश जताते हुए बेरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और हाथियों से सुरक्षा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार सूचना देने के बावजूद वन अमला केवल दौरे तक सीमित रहता है, जबकि हाथियों का झुंड दिन-रात गाँवों के आसपास मंडराता रहता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से प्रशासन से त्वरित और स्थायी समाधान निकालने की अपील की है, ताकि बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और ग्रामीण सुरक्षित वातावरण में जीवनयापन कर सकें।
ब्रेकिंग न्यूज़ कोरबा कोरबी चोटियां से
सुशील जायसवाल भुजनकछार में गौ तस्करी का बड़ा खुलासा, गांववाले और सरपंच पति शनिच राम बने गौमाताओं के रक्षक कोरबा। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत घुंचापुर के आश्रित ग्राम भुजनकछार में दिल दहला देने वाला गौ तस्करी का मामला सामने आया। तस्करों की गाड़ी (क्रमांक CG 14 MF 1374) से 75 से अधिक गायों को ठूंस-ठूंसकर बांधा गया था, जिनमें से कई की मौके पर ही मौत हो गई। गांव के लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो उनका खून खौल उठा। उसी समय सरपंच पति शनिच राम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गाड़ी को रोक लिया और अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों गायों की जान बचाई। चालक मौके से भाग निकला लेकिन ग्रामीण पीछे नहीं हटे। ग्रामीणों ने बताया कि पास के जंगलों में भी करीब 75 मवेशियों को रस्सियों से बांधकर बंधक बनाया गया था, जिनमें चारा-पानी के अभाव में कई की मौत हो चुकी थी। यह देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। सरपंच पति शनिच राम ने कहा— “गाय हमारी मां है, और मां को बचाना ही सबसे बड़ा धर्म है। यह तस्करी लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब गांववाले चुप नहीं बैठेंगे। हमने प्रशासन को सूचना दी है और दोषियों को सख्त सजा दिलवाएंगे।” मौके पर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्र कुमार पटेल ने घायल मवेशियों का इलाज शुरू किया। वहीं, कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। ग्रामीणों ने एक ट्रक को भी पकड़ा है, जिसमें करीब 33 मवेशी भरे हुए थे। गांववालों ने भी एक सुर में कहा— “गौमाताओं की कराह हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उनकी रक्षा करें।” गौरतलब है कि हाल ही में हिंदुत्व हुंकार रैली में हैदराबाद के विधायक टाइगर राजा सिंह ने गौ हत्या और गौ तस्करी पर कठोर कानून बनाने की मांग उठाई थी। ऐसे में कोरबा की यह घटना शासन-प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तस्करों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय घटनाएं दोबारा न हों।
🔥 संवेदनाओं को झकझोर देने वाली वारदात: दर्री थाना क्षेत्र में एचपी पेट्रोल पंप कर्मचारी पर आधी रात को हमला, मोबाइल और नकद लूटकर फरार हुए चार अज्ञात बदमाश 🔥
लोक सदन ✍️ भागीरथी यादव कोरबी/दर्री – दर्री थाना क्षेत्र में बीती रात्रि लगभग 3 बजे एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। दिल बोध यादव (उम्र 45 वर्ष), पिता पकक्षी राम यादव, जो एचपी पेट्रोल पंप में काम करते हैं, उस पर चार अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने अचानक हमला कर दिया। घटना के समय, सभी हमलावरों के हाथों में डंडे थे और उन्होंने डर और धमकाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। पीड़ित ने बताया कि उन्हें लूटने के बाद मोबाइल फोन और नगद राशि छीनकर बदमाश अंधेरे में फरार हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का दुख नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल है। रात के समय सुरक्षा का अभाव, और बढ़ते अपराध की घटनाएँ, लोगों में भय, असुरक्षा और गहरा आक्रोश पैदा कर रही हैं। स्थानीय लोग गुस्से और चिंता के बीच मांग कर रहे हैं कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता घरों और काम के स्थानों पर सुरक्षित महसूस कर सके। यह वारदात इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और समय रहते ठोस कदम उठाना कितना जरूरी है।
















