नाले में डूबने से तीन बच्चों समेत चार की मौत

जिले में नाले में डूबने से तीन बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। जिले के बेलगहना पुलिस चौकी के अंतर्गत भनवारटंक स्थित मरहीमाता मंदिर दर्शन करने गए तीन बच्चों समेत चार लोगों की नाले में बहने से मौत हो गयी। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। तीन शव सोमवार को बरामद कर लिए गए थे जबकि चौथा शव मंगलवार सुबह बरामद हुआ है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मृतकों में दो बलौदाबाजार-भाटापारा जिले तथा दो बिलासपुर जिले के हैं। तीनों बच्चों के शव कल सोमवार रात को बरामद कर लिए गए तथा चौथे व्यक्ति का शव मंगलवार की सुबह बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए कोटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेज दिया है। बेलगहना पुलिस चौकी के प्रभारी राज सिंह ने बताया कि बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बिटकुली गांव निवासी ध्रुव परिवार सोमवार को एक बस में सवार होकर भनवारटंक के मरहीमाता मंदिर में दर्शन करने आया था। बस में ध्रुव परिवार के बिलासपुर निवासी सदस्यों सहित लगभग 40 लोग सवार थे। सिंह ने बताया कि सोमवार को वह देवी दर्शन के बाद शाम को लगभग चार बजे मुख्य मार्ग में खड़ी बस की तरफ पैदल लौट रहे थे तब अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

दुर्गवासियों को बड़ी सौगात – महाराजा चैक से बोरसी तक फोरलेन

रायपुर loksadan दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में एक और फोरलेन सड़क बनाने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुर्गवासियों को सौगात दी है। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रयास से 2024-25 के बजट में स्वीकृत कार्य को प्रारंभ करने शासन ने 23.96 करोड़ की राशि की स्वीकृति मिली है। महाराजा चैक से बोरसी तक 1.80 किलोमीटर सड़क चैड़ीकरण के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट आदि को भी दुरूस्त किया जाएगा। इस सड़क के चैड़ीकरण होने से यहां से गुजरने वाले हजारों वाहनों का यातायात सुगम होगा। वहीं शहर के भीतरी क्षेत्र में लंबे समय से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में उपयोगी होगा। उतई और पाटन क्षेत्र के रहवासियों को भी इस सड़क चैड़ीकरण से राहत मिलेगी। गौरतलब है कि क्षेत्र के नागरिक इस सड़क के चैड़ीकरण की मांग बरसों से कर रहे थे, उनकी लंबित मांग को प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने गंभीरता से लिया और इंजीनियरों की टीम के साथ मौके का निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार कराया और 23.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि दुर्ग शहर के सतत विकास और नागरिकों की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। महाराजा चैक से बोरसी मार्ग का फोरलेन कार्य पूरा होने के बाद यहां ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का समय बचेगा। इससे न केवल दुर्ग शहर के नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुगम यातायात का लाभ प्राप्त होगा।

ग्रामीण विकास मंत्री पर हमला, भाग कर बचाई जान

पटना // राज्य से इस वक्त एक बड़ी खबर है। सड़क हादसे के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री और विधायकों पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया है। गौरलतब है कि शनिवार सुबह पटना के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिकिरियावां हाल्ट के पास ट्रक और ऑटो की टक्कर में 9 लोगों की मौत हो गई थी। सभी मृतक नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलावां गांव के रहने वाले थे। बुधवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और हिलसा विधायक कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया पीड़ित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे। सिक्योरिटी गार्ड ने लगाया इंजेक्शन… कलेक्टर ने CMHO और सिविल सर्जन को दिया नोटिस, कोर्ट ने कहा- ‘ये काफी नहीं’ दोनों नेताओं ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और वापस लौटने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों ने उनसे आग्रह किया कि वे थोड़ी देर और गांव में रुकें। लेकिन मंत्री ने कहा कि वे सभी परिवारों से मिल चुके हैं और आगे का कार्यक्रम उन्हें अटेंड करना है। इस पर भीड़ गुस्से में आ गई। वैष्णो देवी हादसा: भूस्खलन में 31 श्रद्धालुओं की मौत, कई लापता ग्रामीणों का आरोप था कि हादसे के दिन विधायक के कहने पर ही उन्होंने सड़क जाम हटाया था, लेकिन आज तक उन्हें सही मुआवजा नहीं मिला। आक्रोशित लोगों ने अचानक लाठी-डंडे निकाल लिए और मंत्री व विधायक पर हमला कर दिया। हालात बिगड़ने पर दोनों नेता गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर भागकर किसी तरह अपनी जान बचा पाए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने में जुट गया।

सिक्योरिटी गार्ड ने लगाया इंजेक्शन… कलेक्टर ने CMHO और सिविल सर्जन को दिया नोटिस, कोर्ट ने कहा- ‘ये काफी नहीं’

  Loksadan:-   छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने गरियाबंद के जिला अस्पताल में नर्स के स्थान पर एक महिला सुरक्षा गार्ड द्वारा एक मरीज को इंजेक्शन लगाने की घटना पर स्वत: संज्ञान लिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई की तारीख 17 सितंबर, 2025 से पहले 28 अगस्त, 2025 कर दी है। यह घटना तब सामने आई जब एक पूर्व नगरपालिका पार्षद ने अपने भतीजे के इलाज के दौरान इस कृत्य को रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी। कलेक्टर ने जारी किया नोटिस वायरल वीडियो के बाद गरियाबंद के कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.एस. नवरत्न और सिविल सर्जन डॉ. यशवंत ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किए। नोटिस में संभावित अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी गई। हालांकि उच्च न्यायालय ने संकेत दिया कि केवल ऐसे कदम पर्याप्त नहीं होंगे। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की पीठ ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि अयोग्य कर्मियों को इंजेक्शन लगाने की अनुमति देना चिकित्सा नैतिकता और पेशेवर मानकों का गंभीर उल्लंघन है, जो सीधे तौर पर रोगी सुरक्षा और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जनता के विश्वास को खतरे में डालता है।

पूर्व जनपद सदस्य की गुंडागर्दी, ग्रामीणों ने सामुहिक रूप से किया थाने में शिकायत, FIR दर्ज

रिपोर्टर प्रदीप राव   Loksadan।   बरपाली : पूर्व जनपद सदस्य और कांग्रेसी नेता राजू खत्री का आतंक क्षेत्र में एक बार फिर बढ़ने लगा है। उसके लिए क्षेत्र के लोगों से गाली गलौज और मारपीट करना आम बात हो गई है। भरी सभा में ग्राम पंचायत को भी दे दिया गाली। विगत कुछ दिनों में कई घटनाओं को दिया अंजाम, दो में हुई एफ आई आर दर्ज। बरपाली निवासी पूर्व जनपद सदस्य राजू खत्री का आतंक दिन ब दिन बढ़ते जा रहा है। कांग्रेसी नेता होने का फायदा उठाते हुए उसके द्वारा आये दिन क्षेत्र में गुंडागर्दी और मारपीट की घटना को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस का उसको बिल्कुल भी खौफ नहीं है इससे प्रतीत होता है कि थाने से भी उसको संरक्षण प्राप्त है। राजू खत्री और उसके साले राजेश शर्मा द्वारा बरपाली स्थित अंग्रेजी शराब दुकान के पास चखना दुकान का संचालन किया जा रहा है। वहाँ पर अक्सर उन दोनों के द्वारा लोगों से दुर्व्यवहार व गाली गलौज किया जाता है। कुछ दिनों पहले राजू खत्री व राजेश शर्मा द्वारा बरपाली के प्रकाश दास महंत और प्रीतम शुक्ला के साथ मारपीट की गई। जिसमें प्रकाश दास महंत द्वारा उरगा थाने में एफ आई आर दर्ज कराई गई थी। उनके रवैये से परेशान होकर गांव के लोगों ने बस्ती में एक बैठक बुलाई जहाँ पर राजू खत्री को समझाईश देने का प्रयास किया गया किंतु राजू खत्री, उसकी पत्नी अनिता खत्री, उसका पुत्र आयुष खत्री और उसका साला राजेश शर्मा द्वारा गांव के लोगों को ही गाली गलौज किया जाने लगा। तब कल 25 अगस्त को ग्राम पंचायत के उपसरपंच सुरेंद्र यादव (राजू यादव) व गांव के लोगों द्वारा मिलकर पुनः राजू खत्री सहित उक्त चारों के खिलाफ उरगा थाने में एफ आई आर दर्ज कराई गई।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अतुल श्रीधरन होंगे नए जज

बिलासपुर । सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देशभर के हाई कोर्ट के 14 न्यायाधीशों के तबादले का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में पदस्थ जस्टिस संजय एस. अग्रवाल को इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजा गया है। वहीं उनकी जगह पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम जस्टिस अतुल श्रीधरन को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट स्थानांतरित किया गया है। छत्तीसगढ़ में Cars 4U ने शुरू की वन-वे सेल्फ ड्राइव कार सेवा हाई कोर्ट जजों के स्थानांतरण के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम प्रस्ताव बनाकर विधि मंत्रालय को भेजता है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद आदेश जारी होता है। जस्टिस संजय एस. अग्रवाल बार काउंसिल कोटे से जज बने थे और अब तक बिलासपुर हाई कोर्ट में ही पदस्थ थे। छत्तीसगढ़: शराब दुकानों में अब केवल ऑनलाइन पेमेंट, होटल-ढाबों व फार्म हाउस पार्टियों पर सख्ती वहीं, जस्टिस अतुल श्रीधरन मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस के बाद सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। अब वे छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अपनी सेवाएं देंगे। इस आदेश में अन्य हाई कोर्ट से भी कई जजों का स्थानांतरण हुआ है। विशेष रूप से, राजस्थान हाई कोर्ट से जस्टिस अरुण कुमार मोंगा को दिल्ली हाई कोर्ट से केरल हाई कोर्ट भेजा गया है। गौरतलब है कि मई में हुए 22 जजों के तबादलों के दौरान उन्हें राजस्थान से दिल्ली हाई कोर्ट ट्रांसफर किया गया था। उनका मूल हाई कोर्ट पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट है।

छत्तीसगढ़ में Cars 4U ने शुरू की वन-वे सेल्फ ड्राइव कार सेवा

                     grand opening कोरबा। छत्तीसगढ़ में परिवहन और ट्रैवल सेक्टर में नई सुविधा जुड़ गई है। Cars 4U कंपनी ने कोरबा, बिलासपुर और पेंड्रा के बीच वन-वे सेल्फ ड्राइव टैक्सी सेवा की शुरुआत की है। कंपनी का दावा है कि यह सेवा पूरे प्रदेश में सबसे किफ़ायती दरों पर उपलब्ध होगी। कंपनी के अनुसार ग्राहक अब अपनी पसंद की कार सेल्फ ड्राइव पर बुक कर सकते हैं और सफ़र पूरा करने के बाद उसे दूसरे शहर की ब्रांच पर खड़ा कर सकते हैं। ⸻ कंपनी की मुख्य विशेषताएँ • फुल प्राइवेसी • अच्छी तरह मेंटेन कारें • आसान बुकिंग प्रक्रिया • सस्ती दरें • प्रीमियम व कपल कार उपलब्ध ⸻ किराया सूची • कोरबा से बिलासपुर : ₹799 • बिलासपुर से कोरबा : ₹799 • पेंड्रा से कोरबा : ₹1199 • कोरबा से पेंड्रा : ₹1199 • पेंड्रा से बिलासपुर : ₹999 • बिलासपुर से पेंड्रा : ₹999 ⸻ कंपनी का कहना है कि यह सेवा खासतौर पर युवाओं, कपल्स और बिज़नेस ट्रैवलर्स के लिए उपयोगी साबित होगी, क्योंकि इसमें प्राइवेसी और कम खर्च दोनों का ध्यान रखा गया है।जिसका कल दिनांक २५ अगस्त को बिलासपुर में शुभारंभ हो रहा है आप संपर्क कर सकते है Korba 8889999907 Pendra 7970000282 Bilaspur 7970000281

बराज कंट्रोल रूम में ड्यूटी कर रहे कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश

LOKSADAN Bhagirathi Yadav दर्री दर्री उप तहसील क्षेत्र के पास स्थित स्थान पर श्याम पटेल नामक व्यक्ति की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतक श्याम पटेल सिंचाई विभाग का कर्मचारी था, जो बराज कंट्रोल रूम में ड्यूटी करता था और इरीगेशन कॉलोनी में निवास करता था। श्याम पटेल मूलतः शिवरीनारायण के पास के गांव का रहने वाला था। बुधवार देर शाम उसकी लाश संदिग्ध हालत में मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय और स्थानीय अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस जांच में जुटी फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

रक्षाबंधन 2025 स्पेशल : ₹5000 के अंदर भाई-बहन एक-दूसरे को दे सकते हैं ये खास गिफ्ट्स

रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। यह दिन उन पलों की याद दिलाता है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु और खुशहाली की कामना करती हैं, और भाई उन्हें जीवनभर सुरक्षा देने का वचन देते हैं। इस पवित्र त्योहार पर, भले ही भाई-बहन देश के किसी भी कोने में क्यों न हों, लेकिन प्यार का धागा उन्हें जोड़ता ही है। इस रिश्ते को और खास बनाने के लिए हर भाई चाहता है कि अपनी बहन को कुछ अनोखा और यादगार तोहफा दे। वहीं बहनें भी इस दिन को खास बनाने के लिए अपने भाइयों के लिए कुछ खरीदने की सोचती हैं। बड़ी खबर:- केंदई गांव में खुजली संक्रमण से दो मासूम बच्चों की हृदय विदारक मौत… अगर आप भी गिफ्ट को लेकर असमंजस में हैं, तो हम आपके लिए लाए हैं कुछ बेहतरीन गिफ्ट आइडियाज, जो ₹5000 के अंदर हैं और भाई-बहन दोनों एक-दूसरे को दे सकते हैं। बहनों के लिए गिफ्ट आइडिया: कॉफी टेबल: स्टाइलिश और यूज़फुल कॉफी टेबल जो किताबों के साथ कॉफी की चुस्कियों का आनंद बढ़ाए। सुगंधित मोमबत्तियाँ: लैवेंडर, चंदन या पचौली सुगंध वाली कैंडल्स, जो कमरे को खुशनुमा बना दें। बेडसाइड शेल्फ: जिसमें नॉवल्स, स्किनकेयर, ईयरबड्स, वॉटर बॉटल आराम से रखी जा सके। सिरेमिक डिफ्यूजर: रूम फ्रेशनर जो बहन के मूड को हल्का करे और सुकून दे। फेस सीरम: डेली स्किनकेयर के लिए नायसिनेमाइड, कोजिक और गायकॉलिक एसिड बेस्ड सीरम। भाइयों के लिए गिफ्ट आइडिया: फोल्ड-अप डेस्क: गेमिंग, वर्क कॉल या बेड पर आराम से काम के लिए परफेक्ट। टीवी स्पेस ऑर्गनाइज़र: रिमोट, वायर्स और गैजेट्स को सजाने के लिए स्टाइलिश शेल्फ। लिनन स्प्रे: काम के तनाव को दूर करने वाला रिलैक्सिंग खुशबू वाला स्प्रे। सनस्क्रीन: जल्दी अब्जॉर्ब होने वाली, मैट फिनिश और सुगंधरहित सनस्क्रीन। हेयरकेयर किट: बालों की झड़ने की समस्या को रोकने वाला शैम्पू और सीरम। रक्षाबंधन पर इन छोटे-छोटे लेकिन दिल से दिए गए गिफ्ट्स से रिश्ते को और मजबूत बनाएं। चाहे भाई दें या बहन, इन उपहारों के जरिए प्यार, समझदारी और साथ का एहसास हमेशा बना रहेगा।

छत्तीसगढ़ का परंपरागत तिहार हरेली कल

रायपुर// प्रदेश सरकार किसानों के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। गांव, गरीब और किसान सरकार की पहली प्राथमिकता में हैं। देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की इन डेढ़ साल के अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीतिगत फैसलों से खेती किसानी को नया संबल मिला है। बीते खरीफ विपणन वर्ष में किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीेट्रिक टन धान की खरीदी कर रिकॉर्ड कायम किया है। छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। इस त्यौहार से ही राज्य में खेती-किसानी की शुरूआत होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत् रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदीकर न सिर्फ किसानों को मान बढ़ाया, बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। साथ ही किसानों के खाते में रमन सरकार के पिछले दो वर्ष का बकाया धान के बोनस 3716.38 करोड़ रूपए अंतरित कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर दी है। मुख्यमंत्री का मानना है कि भारत गांवों में बसता है। जब किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश का व्यापार, उद्योग बढे़गा। परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं की साथ पूजा करते हैं। गांवों के ठाकुरदेव की पूजा की जाती है। हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में यादवों को भेंट करने की परंपरा रही हैं। सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है। हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढ़ने की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांध़कर दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसलिए किसान भाई इस दिन पशुधन आदि को नहला-धुला कर पूजा करते हैं। गेहूं आटे को गूँथ कर गोल-गोल बनाकर अरंडी या खम्हार पेड़ के पत्ते में लपेटकर गोधन को औषधि खिलाते हैं। ताकि गोधन को रोगों से बचाया…

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