सुशील जायसवाल
कोरबा/पसान:
कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम खोडरी में हाथियों के एक बड़े झुंड के हमले से 40 वर्षीय ग्रामीण प्रताप सिंह वाकरे की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और आसपास के पूरे क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है।

हाथियों की दहाड़ सुनकर देखने पहुंचे थे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच ग्राम खोडरी के पास जंगल की ओर हाथियों का एक बड़ा झुंड डेरा जमाए हुए था। जंगल की तरफ से हाथियों की लगातार चिंघाड़ और आवाजें सुनकर प्रताप सिंह वाकरे कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ उन्हें देखने के लिए निकल पड़े। इसी दौरान झुंड में शामिल एक आक्रामक हाथी ने अचानक ग्रामीणों को खदेड़ना शुरू कर दिया। अन्य ग्रामीण तो किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन प्रताप सिंह पीछे छूट गए।
सूंड से जोरदार हमला और गड्ढे में गिरना
ग्रामीणों के मुताबिक, हाथी ने प्रताप पर अपनी सूंड से जोरदार हमला किया। इस हमले के दौरान संतुलन बिगड़ने से वे पास ही स्थित एक गहरे गड्ढे में जा गिरे। हमला करने के बाद हाथी वापस अपने झुंड में लौट गया। कुछ देर बाद जब अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने प्रताप को गड्ढे से बाहर निकाला। होश में आने के बाद प्रताप ने खुद अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि हाथी की सूंड की ठोकर लगने से वे गड्ढे में जा गिरे थे।
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की सहायता से घायल प्रताप सिंह को पसान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत बेहद गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर बिलासपुर के अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम खोडरी लाया गया।
वन अधिकारियों द्वारा त्वरित सहायता
घटना की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा के प्रभारी एसडीओ एवं प्रशिक्षु आईएफएस मृगजा जलिंधर यादव तथा पसान वन परिक्षेत्राधिकारी मनीष सिंह तुरंत पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। वन अधिकारियों ने शोकककुल परिवार से मुलाकात की और विभागीय नियमों के अनुसार उन्हें तत्काल सहायता राशि प्रदान की।
52 हाथियों के झुंड से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
ग्राम खोडरी के समीप लगभग 52 हाथियों के बड़े झुंड की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता और भय काफी बढ़ गया है। हाथियों की इस आवाजाही के कारण आसपास के तमाम गांवों में भी सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन और वन विभाग की अपील:
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों को देखने के लिए उनके नजदीक बिल्कुल न जाएं, और न ही उन्हें घेरने या भगाने का कोई प्रयास करें। हाथियों से हमेशा सुरक्षित दूरी बनाकर रखें तथा उनकी मौजूदगी की तत्काल सूचना नजदीकी वन विभाग को दें।
