गेवरा से निकला जी-11 कोयला रास्ते में बदलकर भेजने का खेल बेनकाब, फरार दो आरोपी गिरफ्तार; मस्तुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

✍️ भागीरथी यादव

 

 

बिलासपुर। कोयला परिवहन के दौरान उच्च गुणवत्ता वाले जी-11 कोयले की हेराफेरी कर उसकी जगह मिलावटी कोयला सप्लाई करने वाले गिरोह पर मस्तुरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और 1,000 रुपये नकद जब्त किए गए हैं। दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड के प्रतिनिधि ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एसीसीएल गेवरा माइंस से मंगाए गए लगभग 30 हजार टन कोयले की खेप में तीन ट्रेलरों से पहुंचे कोयले की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई। जांच में सामने आया कि गेवरा माइंस से लोड किया गया जी-11 ग्रेड का कोयला रास्ते में बेलतरा स्थित एक कोल डिपो में उतारकर उसकी जगह गिट्टी मिश्रित घटिया कोयला ट्रेलरों में भर दिया गया और प्लांट भेज दिया गया, जिससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों एवं वाहन चालकों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ट्रेलर मालिक, चालक और अन्य सहयोगी मिलकर इस पूरे षड्यंत्र को अंजाम देते थे। बेलतरा स्थित कोल डिपो में रोलर मशीन के जरिए कोयले में मिलावट की जाती थी और बदले में मिलने वाली रकम आरोपियों के बीच बांटी जाती थी।

मामले में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन तथा लगभग 30 टन कोयला जब्त किया जा चुका था। वहीं फरार चल रहे वैभव सोनी उर्फ चुकलू और निखिल साहू को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कोयले की हेराफेरी में शामिल होना स्वीकार किया। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन और 1,000 रुपये नकद बरामद किए गए।

मस्तुरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को 28 जून को विधिवत गिरफ्तार कर 29 जून को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है और पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।