सुशील जयसवाल
कोरबा/कोरबी-चोटिया। किराये पर ट्रैक्टर लेकर फर्जी आरसी कार्ड तैयार कर उसे दूसरे लोगों को बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में कोरबी पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास जायसवाल उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर पूछताछ की है। पूछताछ में आरोपी ने करीब 22 ट्रैक्टर अलग-अलग लोगों से किराये पर लेकर ईंट भट्ठों और रेलवे के काम में लगाने तथा फर्जी दस्तावेज के जरिए ट्रैक्टर बेचने की जानकारी पुलिस को दी है।
मामले की शुरुआत ग्राम पाली निवासी 23 वर्षीय चन्द्रपाल सरोटिया की शिकायत से हुई। चन्द्रपाल ने पुलिस को बताया कि खाड़ा, थाना पटना निवासी विकास जायसवाल ने उसे ट्रैक्टर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर देने का प्रस्ताव दिया था। ट्रैक्टर खरीदने की राशि उसके रिश्ते के जीजा विजय कुमार साहू ने दी थी और वाहन चन्द्रपाल के नाम पर पंजीकृत था। दोनों की सहमति से ट्रैक्टर की किश्त चुकाने के उद्देश्य से उसे किराये पर देने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद 9 जून 2025 को 50 रुपये के स्टांप पेपर पर लिखित अनुबंध कर सोनालिका आरएक्स 734 ट्रैक्टर विकास जायसवाल को सौंप दिया गया। आरोप है कि अनुबंध के बाद विकास ने निर्धारित मासिक किराया देना बंद कर दिया और मांगने के बावजूद ट्रैक्टर वापस नहीं किया। पीड़ित पक्ष ने जब अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तो पता चला कि ट्रैक्टर किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी विकास जायसवाल उर्फ विक्की को तलब कर पूछताछ की। चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी की पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए मेमोरेंडम कथन दर्ज कराया। आरोपी के अनुसार, उसने अलग-अलग लोगों से करीब 22 ट्रैक्टर 20 हजार रुपये मासिक किराये पर लिए थे। चन्द्रपाल से ट्रैक्टर लेते समय उसने 50 हजार रुपये एडवांस दिए थे, जबकि बाद में 30 हजार रुपये विजय साहू को दिए।
फर्जी आरसी के सहारे 3.30 लाख में बिक्री
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चन्द्रपाल का ट्रैक्टर करीब चार महीने तक ठाकुरदयाल साहू के ईंट भट्ठे में चलाया गया। इसके बाद लेडुवा, थाना रामानुजनगर, जिला सूरजपुर निवासी रिकु साहू उर्फ राजू कुमार साहू के माध्यम से अपने नाम पर फर्जी आरसी कार्ड तैयार कराया गया। इसी फर्जी आरसी के आधार पर ट्रैक्टर को बंधुवा, थाना डुमरी, जिला गिरिडीह निवासी पंकज यादव को 3 लाख 30 हजार रुपये में बेचने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि ट्रैक्टर वर्तमान में पंकज यादव के पास है और वह पुलिस टीम को वहां ले जाकर वाहन बरामद कराने के लिए तैयार है। पुलिस अब ट्रैक्टर की बरामदगी के साथ ही फर्जी आरसी तैयार करने में सहयोग करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
