सुशील जयसवाल
पंचायत स्तर पर शिविर लगाने की मांग, पंजीयन के लिए भटक रहे किसानों को राहत दिलाने की पहल
कोरबी-चोटिया।
धान खरीदी का सीजन नजदीक आते ही धान पंजीयन एवं एग्रीस्टेक की प्रक्रिया पूरी करने को लेकर किसानों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। पंजीयन संबंधी कार्यों में आ रही परेशानियों को देखते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने समय-सीमा बढ़ाने और ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में पार्टी ने 26 अक्टूबर 2026 को पोड़ी उपरोड़ा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनोज कुमार बंजारे को ज्ञापन सौंपकर किसानों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
ज्ञापन में बताया गया कि कई किसान धान पंजीयन एवं एग्रीस्टेक की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए धान खरीदी केंद्रों और तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। खासकर दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के किसानों को लंबी दूरी तय कर कार्यालयों तक पहुंचना पड़ रहा है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर पात्र किसानों के सामने धान बिक्री को लेकर परेशानी खड़ी हो सकती है।
पंचायत स्तर पर शिविर लगाने की मांग
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने प्रशासन से जिले की ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित कर धान पंजीयन एवं एग्रीस्टेक से संबंधित कार्य पूरे कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि गांवों में शिविर लगने से किसानों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी और उन्हें छोटी-छोटी प्रक्रियाओं के लिए तहसील कार्यालयों एवं अन्य केंद्रों तक बार-बार नहीं जाना पड़ेगा।
ज्ञापन में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग भी की गई है, ताकि तकनीकी जानकारी की कमी, दस्तावेजों से जुड़ी दिक्कतों और केंद्रों में भीड़ के कारण किसानों का काम न रुके।
समय-सीमा बढ़ाने से छूटे किसानों को मिलेगा मौका
पार्टी ने धान पंजीयन एवं एग्रीस्टेक की निर्धारित समय-सीमा बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि विभिन्न कारणों से कई किसान समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में समय-सीमा बढ़ने से छूटे हुए पात्र किसानों को पंजीयन कराने का अतिरिक्त अवसर मिल सकेगा। इससे धान खरीदी के दौरान संभावित परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने एसडीएम से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा बढ़ाने, पंचायत स्तर पर शिविर लगाने और पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए त्वरित पहल करने की अपील की है। अब किसानों को प्रशासन के निर्णय का इंतजार है। ज्ञापन सौंपे जाने तक इन मांगों पर प्रशासन की ओर से किसी निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई थी।
