18वीं बार रक्तदान कर महिला आरक्षक अमृता सेंगर ने बचाई मासूम की जान, धमतरी पुलिस ने पेश की मानव सेवा की मिसाल

✍️ भागीरथी यादव

 

 

धमतरी, 2 अगस्त। धमतरी पुलिस की महिला आरक्षक अमृता सेंगर ने मानवता और सेवा भावना का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक मासूम बच्चे के लिए अपना 18वां स्वैच्छिक रक्तदान किया। शनिवार रात करीब 10 बजे रेडक्रॉस सोसायटी के शिवा प्रधान से बच्चे को तत्काल रक्त की आवश्यकता की सूचना मिलते ही अमृता सेंगर बिना देर किए रक्तदान केंद्र पहुंचीं और रक्तदान कर बच्चे के उपचार में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

महिला आरक्षक अमृता सेंगर पुलिस विभाग में अपने कर्तव्यों के निर्वहन के साथ-साथ सामाजिक और मानवीय कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। उनका यह कार्य संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना का प्रतीक माना जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक धमतरी ने अमृता सेंगर के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि जरूरत के समय समाज के साथ खड़े होकर मानवता की सेवा करना भी है।

धमतरी पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी समय-समय पर जरूरतमंद मरीजों के लिए स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा का परिचय देते रहे हैं। पुलिस विभाग का यह अभियान “पुलिस सेवा के साथ मानव सेवा” की भावना को मजबूत करते हुए समाज में “रक्तदान-जीवनदान” का संदेश दे रहा है।

धमतरी पुलिस ने महिला आरक्षक अमृता सेंगर को उनके 18वें स्वैच्छिक रक्तदान पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आम नागरिकों से भी रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है।