कोरबी में छठ पूजा का भव्य आयोजन — डूबते सूर्य को अर्घ्य देने उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रिपोर्ट: सुशील जायसवाल, कोरबी कोरबी। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का आयोजन सोमवार को कोरबी और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा, भक्ति और आस्था के वातावरण में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शाम ढलते ही क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं और व्रती महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने परंपरा अनुसार डूबते सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। घाटों पर चारों ओर छठी मैया के भजन और लोकगीतों की मधुर धुनें गूंजती रहीं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। पारंपरिक परिधान में सजी महिलाएं फल, ठेकुआ, नारियल, केला, ईख और पूजन सामग्री से भरी टोकरी लेकर परिवारजनों संग घाटों तक पहुंचीं। बाजे-गाजे और आतिशबाजी के साथ श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। छठ पूजा के पवित्र अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश और यातायात व्यवस्था की विशेष तैयारी की गई थी। स्थानीय चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी अपने दल-बल के साथ घाटों पर लगातार मुस्तैद रहे और श्रद्धालुओं को हरसंभव सहयोग प्रदान किया। फुलसर नदी घाट पर शाम का दृश्य अत्यंत मनमोहक रहा — जहां दीपों की लौ, भक्ति गीतों की गूंज और सूर्य को अर्घ्य देते व्रतियों की श्रद्धा ने आस्था का अनूठा संगम रचा। श्रद्धालुओं ने सूर्यास्त के बाद दीप प्रज्वलित कर छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंगलवार सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही यह चार दिवसीय पर्व संपन्न होगा। व्रतियों ने बताया कि छठ पूजा आत्मिक शुद्धि, अनुशासन और सामाजिक एकता का प्रतीक पर्व है, जो हर वर्ष लोगों को भक्ति और सादगी के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
📍कोरबा, छत्तीसगढ़ से विशेष रिपोर्ट
पूर्व उपाध्यक्ष स्व. बनवारी लाल अग्रवाल की बारहवीं एवं पगड़ी रस्म में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए शामिल — कहा, “उनका जीवन सेवा और सादगी का प्रतीक” ✍️ भागीरथी यादव कोरबा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष स्व. बनवारी लाल अग्रवाल की बारहवीं एवं पगड़ी रस्म के अवसर पर आज प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री विष्णु देव साय ने कोरबा पहुंचकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्व. अग्रवाल का जीवन जनसेवा, संगठन और समाज के उत्थान के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने कहा — > “बनवारी लाल अग्रवाल जी ने अपने कर्म और सादगी से राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। वे भाजपा के स्तंभों में से एक थे, जिनकी संगठनात्मक क्षमता और मार्गदर्शन सदैव प्रेरणा देता रहेगा।” कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूरे वातावरण में भावुकता और सम्मान की अनुभूति झलकती रही। पगड़ी रस्म में विधायक धरमलाल कौशिक, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती हर्षिता पांडेय, प्रदेश मंत्री सुश्री रितु चौरसिया, जिला संगठन प्रभारी गोपाल साहू, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह तथा महामंत्री युवा मोर्चा नरेंद्र देवांगन सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिलेभर से भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने स्व. अग्रवाल के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। 15 अक्टूबर 2025 को उनका निधन हो गया था। वे वर्षों तक जनसेवा, संगठन और समाज के विकास के प्रति समर्पित रहे। भाजपा संगठन में उन्हें मुख्य मार्गदर्शक के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त था। पगड़ी रस्म के दौरान वातावरण भावनात्मक हो उठा। श्रद्धांजलि के स्वर और आत्मीय स्मृतियों के बीच सभी ने कहा कि स्व. बनवारी लाल अग्रवाल का जीवन समर्पण, सादगी और सेवा का अद्वितीय उदाहरण है, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी श्रद्धा से याद करती रहेंगी।
मुंगेली में छठ पूजा की धूम — आगर नदी घाट पर महिलाओं ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य, कल उगते सूर्य के साथ होगा व्रत का समापन
📍मुंगेली, छत्तीसगढ़ से अतुल श्रीवास्तव की रिपोर्ट मुंगेली। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर मुंगेली में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। नगर की आगर नदी घाट पर सोमवार शाम बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। कल तड़के उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा। घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सोलह श्रृंगार कर सूप में ठेकुआ, फल, गन्ना, नारियल, सिंघाड़ा और केला सजाकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करती नजर आईं। प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस एवं नगर निगम का अमला तैनात रहा। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय ने घाट पहुंचकर श्रद्धालुओं को छठ पर्व की बधाई दी और प्रशासन की ओर से सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। 🌞 चार दिनों तक चलने वाला व्रत छठ पूजा की शुरुआत 25 अक्टूबर से नहाय-खाय के साथ हुई थी। इस दिन व्रती महिलाएं पवित्र स्नान कर सात्विक भोजन — लौकी-भात और चने की दाल — से व्रत का आरंभ करती हैं। 26 अक्टूबर को खरना मनाया गया, जिसमें व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर पूजा करती हैं। इसके बाद वे 36 घंटे तक बिना अन्न और जल ग्रहण किए उपवास रखती हैं। 27 अक्टूबर को संध्या अर्घ्य दिया गया, जिसमें महिलाएं सूर्यास्त के समय घाटों पर पूजा करती हैं। अब 28 अक्टूबर की सुबह प्रातः अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा। यह क्षण छठ पूजा का सबसे पवित्र माना जाता है। 🌅 व्रतियों की श्रद्धा और भावनाएं व्रती अनामिका सिंह ने कहा — > “छठ पूजा भगवान सूर्य की उपासना का पर्व है। डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर हम अपने परिवार की खुशहाली और उन्नति की कामना करते हैं।” वहीं समिति के अध्यक्ष अभिलाष सिंह ने पर्व के दौरान प्रशासन और पुलिस के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सहयोग से घाटों पर सुरक्षा और स्वच्छता की उत्तम व्यवस्था रही। 🌼 छठ पर्व का महत्व छठ पूजा सूर्य देव और छठी मइया की आराधना का त्योहार है, जो शुद्धता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति आभार का प्रतीक है। मान्यता है कि इस व्रत से संतान सुख, परिवार में सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। मुंगेली के घाटों पर दीपों की रोशनी, भक्ति गीतों और व्रतियों की आस्था से वातावरण पूरी तरह पावन और भक्तिमय बना हुआ है।
सर्व हिंदू समाज का मुंगेली में जोरदार प्रदर्शन — गौवंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और धर्मांतरण विरोधी कानून की मांग
मुंगेली। गौवंश संरक्षण और धर्मांतरण रोकथाम जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को लेकर आज मुंगेली में सर्व हिंदू समाज ने एक विशाल शांतिपूर्ण पैदल रैली निकाली। रैली में जिले के सैकड़ों लोग शामिल हुए और “गौ हत्या बंद करो, धर्मांतरण रोक लगाओ” जैसे नारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा। रैली का शुभारंभ कृषि उपज मंडी से हुआ, जो मुख्य मार्गों से होते हुए रेस्ट हाउस परिसर पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गौवंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गौ-रक्षा कानून को सख्ती से लागू करने तथा अवैध धर्मांतरण के मामलों में कठोर कार्रवाई की मांग रखी गई। रैली का नेतृत्व गौवंश सेवक आदेश सोनी (बिलासपुर) और ठाकुर राम सिंह ने किया। आदेश सोनी ने कहा — > “हम 2026 तक गौवंश को राज्य माता का दर्जा दिलाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं। अगर सरकार ने हमारी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।” उन्होंने गौवंश को हिंदू संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसका संरक्षण केवल धार्मिक नहीं बल्कि नैतिक दायित्व भी है। वहीं, ठाकुर राम सिंह ने धर्मांतरण के मुद्दे पर सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा — > “मैंने पहले भी धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके कारण जेल की सजा भी भुगतनी पड़ी, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे। सरकार को अब सख्त कदम उठाने होंगे ताकि हिंदू समाज की धार्मिक स्वतंत्रता सुरक्षित रह सके।” रैली के दौरान पूरे समय शांति व्यवस्था बनी रही। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त कर मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। यह प्रदर्शन न केवल गौवंश संरक्षण और धार्मिक अस्मिता की मांग का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और एकजुटता का संदेश भी दे गया।
बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : भर्ती में आयु सीमा तय करना राज्य सरकार का अधिकार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि किसी भी पद पर नियुक्ति या पदोन्नति के लिए आयु सीमा तय करना राज्य सरकार का अधिकार है। अदालत ने कहा कि यह नियम न तो मनमाना है और न ही संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है। यह फैसला जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया। मामला लीगल मेट्रोलॉजी विभाग से जुड़ा है, जहां राज्य सरकार ने इंस्पेक्टर के पद पर सीमित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से पदोन्नति के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष (सामान्य वर्ग के लिए) और 50 वर्ष (अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए) निर्धारित की थी। रायपुर निवासी खोमिन नायक ने इस प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा कि वे सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत थीं, परंतु आयु सीमा पार होने के कारण उन्हें परीक्षा से अयोग्य घोषित कर दिया गया। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने तर्क दिया कि भर्ती में आयु सीमा निर्धारित करना नियोक्ता का विशेषाधिकार है और यह नीति-निर्माण का विषय है। साथ ही बताया गया कि यह नियम सीधी भर्ती से संबंधित है, न कि सामान्य पदोन्नति से। हाईकोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा — > “पदोन्नति कोई निहित अधिकार नहीं है। सरकार को यह अधिकार है कि वह किसी विशेष पद के लिए पात्रता एवं आयु सीमा तय करे। यह नियम उचित और तर्कसंगत है।” इस फैसले के साथ हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, और राज्य सरकार की नीति को वैधानिक और संवैधानिक रूप से सही ठहराया।
रानीदाह जलप्रपात : हरियाली, इतिहास और रोमांच से भरा प्रकृति का अद्भुत नज़ारा
✍️ भागीरथी यादव जशपुर (छत्तीसगढ़)। प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक कथा और रोमांच का संगम यदि कहीं एक साथ देखने को मिले तो वह है रानीदाह जलप्रपात। जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15 से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह जलप्रपात छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो अपनी मनोहर हरियाली, विशाल चट्टानों से गिरती जलधारा और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। मानसून में खिल उठती है प्राकृतिक सुंदरता रानीदाह का सबसे आकर्षक रूप मानसून के मौसम में देखने को मिलता है। इस दौरान झरने का जलप्रवाह अपने चरम पर होता है, चारों ओर की घाटियाँ और वन क्षेत्र हरे रंग से लिपटे हुए दिखाई देते हैं। एडवेंचर, फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। झरने की गूंज, ताज़ी हवा और फुहारों की ठंडक हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देती है। रानीदाह से जुड़ी किंवदंती स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थल से एक रोचक ऐतिहासिक कथा जुड़ी है। कहा जाता है कि उड़ीसा की रानी शिरोमणि अपने प्रेमी के साथ जशपुर आ गई थीं और अपने भाइयों से बचने के लिए यही पर आत्मसमर्पण कर दिया। इसी वजह से इस स्थल का नाम “रानीदाह” पड़ा। आज भी यहाँ रानी की समाधि और ‘पंचमैया’ नामक स्थल, जो उनके पाँच भाइयों का प्रतीक है, देखने को मिलता है। झरने के पास बना शिव मंदिर इस स्थान को धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाता है। पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक यह जलप्रपात वर्षभर सक्रिय रहता है, विशेष रूप से जून से फरवरी के बीच यहाँ भारी संख्या में सैलानी पहुँचते हैं। जशपुर-आरा मार्ग से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर और मुख्य सड़क से 5 किमी अंदर यह स्थल स्थित है। यहाँ तक पहुँचने के लिए सड़क, रेल और हवाई सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं — रेलमार्ग: रांची और अंबिकापुर प्रमुख स्टेशन हैं। हवाई मार्ग: रांची व रायपुर हवाई अड्डे से निकटतम पहुँच। पर्यटकों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यू प्वाइंट, सीढ़ियाँ और पिकनिक स्थल विकसित किए गए हैं, जिससे यह स्थान और भी सुरक्षित व सुगम बन गया है। प्रकृति और शांति का अद्भुत संगम रानीदाह जलप्रपात न केवल छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र का प्रमुख आकर्षण है, बल्कि यह वह स्थान है जहाँ प्रकृति का शांत, पवित्र और रमणीय स्वरूप अपने पूरे सौंदर्य के साथ प्रकट होता है। यहाँ आकर हर व्यक्ति को प्रकृति के करीब होने का अनुभव और आत्मिक शांति मिलती है।
चुनाव से पहले प्रशासन की बड़ी कार्रवाई — मुन्ना शुक्ला, अजय वर्मा सहित 28 कुख्यात अपराधी भागलपुर जेल शिफ्ट
✍️ भागीरथी यादव पटना/भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए राज्य प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से बेऊर जेल में बंद बाहुबलियों, कुख्यात अपराधियों और अन्य बंदियों को भागलपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया है। अब तक कुल 28 कुख्यात अपराधियों को भागलपुर जेल भेजा जा चुका है। इस सूची में बृजबिहारी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मुन्ना शुक्ला और पटना के कुख्यात अजय वर्मा के नाम भी शामिल हैं। दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार देर रात भागलपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि यह कदम चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या प्रभाव को रोकने के लिए उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला इस बार वैशाली के लालगंज सीट से राजद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। लालगंज में पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है। इसी प्रकार, पूर्व राजद एमएलसी ललन श्रीवास्तव के बेटे अविनाश श्रीवास्तव को भी भागलपुर जेल भेजा गया है। अविनाश पर पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर अमरावती देवी के पति दीना गोप की एके-47 से हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने उसे पांच वर्ष पूर्व नेपाल भागने के प्रयास के दौरान रक्सौल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। इसके अलावा शुभम उर्फ राजा, दानिश, जयंतकांत राय, चंदन कुमार, सोनू कुमार शर्मा, बबलू सहनी, लक्ष्मी सिंह, गौतम उर्फ चीकू, विशाल कुमार, भरत सिंह और नीरज चौधरी समेत कई अन्य अपराधियों को भी बेऊर जेल से भागलपुर जेल ट्रांसफर किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चुनाव को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है और आने वाले दिनों में कुछ और बंदियों को भी अन्य जेलों में शिफ्ट किया जा सकता है।
पहाड़पुर स्कूल के पास युवक की गोली मारकर हत्या, छठ का सामान लेकर लौट रहा था घर
✍️ भागीरथी यादव बलिगांव (वैशाली)। जिले के बलिगांव थाना क्षेत्र के पहाड़पुर स्कूल के पास रविवार देर रात बाइक सवार अपराधियों ने एक युवक को गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान हनुमान नगर गांव निवासी राजेश महतो के पुत्र रविंद्र कुमार उर्फ बिल्ला (37) के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, रविंद्र अपने भाई के साथ पातेपुर बाजार से छठ पर्व का सामान लेकर बाइक से घर लौट रहा था, तभी पहाड़पुर स्कूल के समीप पहले से घात लगाए बैठे दो अपराधियों ने उनकी बाइक को रोक लिया और रविंद्र को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल रविंद्र को पातेपुर पीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई ने बताया कि वारदात के पीछे दशकूडवा गांव निवासी बबलू कुमार और विक्रम नामक युवक का हाथ है। आरोप है कि शराब की गाड़ी पकड़वाने के विवाद को लेकर विक्रम ने गोली चलाई। इस संबंध में बलिगांव थाना अध्यक्ष रामनिवास कुमार ने बताया कि “पहाड़पुर स्कूल के पास एक युवक की गोली मारकर हत्या की गई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।” उन्होंने यह भी बताया कि मृतक पूर्व में शराब तस्करी के मामले में दो बार जेल जा चुका था। घटना के बाद से क्षेत्र में संसनी फैल गई है, वहीं पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
बस की ठोकर से मासूम घायल — छठ की खुशियाँ मातम में बदलीं
सुशील जायसवाल, कोरबी सरमा गांव बस स्टैंड की दर्दनाक घटना, ढाई साल की आब्या के दोनों पैर घायल कोरबा (कोरबी)। रविवार 26 अक्टूबर की दोपहर सरमा गांव में हँसी-खुशी का माहौल कुछ ही पलों में चीख़-पुकार में बदल गया। छठ पर्व की तैयारी में जुटे निरज गुप्ता के घर अचानक मातम छा गया, जब उनकी ढाई वर्षीय मासूम बिटिया आब्या गुप्ता यात्री बस की चपेट में आ गई। बताया गया कि पेंड्रा रोड से बैकुंठपुर के बीच चलने वाली शिव ट्रैवेल्स की बस (क्रमांक CG 16 H 0209) गांव के बस स्टैंड के पास रुकी थी। परिवारजन बस चालक को कुछ सामान देने पहुँचे थे, तभी छोटी आब्या अनजाने में बस के सामने आ गई और उसका बायां पैर बस के पहिए तले कुचल गया। बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद बस स्टैंड पर अफरा-तफरी मच गई, लोग चीख़ते-चिल्लाते दौड़ पड़े। किसी ने मासूम को उठाया तो किसी ने बस चालक को रोक लिया। चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी और उनकी टीम ने तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात संभाले, बस और चालक को कब्जे में लिया तथा घायल बच्ची को अस्पताल भेजा। आब्या को पहले कोरबा लाया गया, वहाँ से हालत गंभीर होने पर रायपुर के निजी अस्पताल में रिफर किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची का बायाँ पैर फैक्चर हुआ है और दायें पैर में भी गहरी चोटें हैं। गाँव के लोग अब भी उस मासूम की करुण पुकार को भूल नहीं पा रहे। जो दिन घर में दीप जलाने और पर्व की तैयारी का था, वही दिन पूरे परिवार के लिए आँसुओं और दहशत से भरी रात बन गया।
शिक्षा ही सफल जीवन का आधार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
✍️ भागीरथी यादव मुख्यमंत्री ने मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह में किया संबोधन रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार, कृषि या कोई अन्य क्षेत्र — प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के विद्यार्थियों को शिक्षा और अवसर दोनों मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। पनिका समाज का कला और साहित्य के क्षेत्र में आदिकाल से अतुलनीय योगदान रहा है। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान काछनदेवी रस्म में देवी माँ जिस कन्या पर अवतरित होती हैं, वह भी पनिका समाज की होती है — यह समाज के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र के अनुरूप राज्य सरकार पिछले 22 महीनों से सभी वर्गों के कल्याण के लिए सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे राज्य के ग्रामीण और शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भु नाथ चक्रवर्ती ने भी समारोह को संबोधित करते हुए सभी पदाधिकारियों को बधाई दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के अध्यक्ष श्री भरत दास मानिकपुरी, समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
















