पसान में हाथियों की आवाजाही पर सांसद ज्योत्सना महंत ने ली जानकारी

✍️ भागीरथी यादव

 

 

सुशील जयसवाल की रिपोर्ट

 

पसान (कोरबा)। कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों की सुरक्षा और फसलों व मकानों को हो रहे नुकसान का मुद्दा गंभीर बना हुआ है। इसे देखते हुए कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने अपने पसान दौरे के दौरान वन विभाग के अधिकारियों से हाथियों की गतिविधियों, ग्रामीणों की सुरक्षा के इंतजाम और प्रभावित परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे की जानकारी ली।

 

पसान क्षेत्र के विभिन्न गांवों में हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल है। हाथियों से जान-माल के नुकसान की आशंका के साथ फसलों और मकानों को होने वाली क्षति भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रही है। सांसद ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी व्यवस्था और ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों के संबंध में जानकारी मांगी।

 

इस दौरान पसान के डिप्टी रेंजर ईश्वर दास मानिकपुरी ने सांसद को हाथियों की गतिविधियों, उनके आवागमन के मार्गों तथा विभाग द्वारा की जा रही निगरानी और सुरक्षा संबंधी प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने हाथियों से हुए नुकसान और प्रभावित ग्रामीणों के लिए संचालित मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी भी दी।

 

सांसद ने प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराने और नुकसान का उचित आकलन सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। हाथियों की गतिविधियों के संबंध में ग्रामीणों को समय रहते सूचना देने तथा मुआवजा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता भी सामने आई।

 

पसान क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही के मद्देनजर ग्रामीणों की सुरक्षा, नुकसान का सही आकलन और प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा दिलाना वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।