✍️ भागीरथी यादव
धमतरी। नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार के खिलाफ धमतरी पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। धमतरी के रिसाईपारा निवासी शेख फिरोज उर्फ फिज्जू (42 वर्ष) को एनडीपीएस एक्ट के तहत 8 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यह फैसला धमतरी पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना और मजबूत साक्ष्य प्रस्तुतिकरण के आधार पर आया।
जानकारी के अनुसार, 17 जून 2023 को थाना कुरूद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चरमुड़िया पुल स्थित संगवारी ढाबा के पास एक व्यक्ति नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी शेख फिरोज उर्फ फिज्जू को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 72 पत्तों में कुल 576 नशीली कैप्सूल, बिक्री की 210 रुपये की नकदी सहित कुल 4,332 रुपये का मशरूका जब्त किया गया था।
मामले में थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 413/2023 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।
प्रकरण की विवेचना तत्कालीन विवेचना अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक संतोषी नेताम ने वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से करते हुए न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 8 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने उत्कृष्ट विवेचना के लिए सहायक उपनिरीक्षक संतोषी नेताम को 500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना और मजबूत साक्ष्य ही अपराधियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में मादक पदार्थों, अवैध शराब और अन्य अवैध कारोबारों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा तथा अपराधियों को न्यायालय से कठोरतम दंड दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाती रहेगी।
