बिहार विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण में 122 सीटों पर आज मतदान, 1302 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

✍️ भागीरथी यादव

 

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान मंगलवार को होगा। इस चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर कुल 1302 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस चरण में मतदाता कई दिग्गज नेताओं और दलों के प्रदेश अध्यक्षों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे।

 

तीन दलों के प्रदेश अध्यक्ष मैदान में

 

लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी—गोविंदगंज

 

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम—कुटुंबा

 

हम (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार—टेकारी

 

 

इन सभी सीटों पर मुकाबला रोचक बना हुआ है और आज का मतदान इनके भविष्य की दिशा तय करेगा।

 

दिग्गज नेताओं का भविष्य भी दांव पर

दूसरे चरण में 12 मंत्रियों, एक पूर्व उप मुख्यमंत्री, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, और कई पूर्व मंत्रियों की भी किस्मत ईवीएम में कैद होगी।

सबसे ज्यादा 22 उम्मीदवार चैनपुर, सासाराम और गया शहर में हैं, जबकि सबसे कम 5–5 उम्मीदवार लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, सुगौली, त्रिवेणीगंज और बनमनखी सीटों पर मैदान में हैं।

 

मतदाताओं की संख्या और मतदान केंद्र

चुनाव आयोग के अनुसार, इस चरण में 3 करोड़ 70 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें—

 

पुरुष: 1,95,44,041

 

महिला: 1,74,68,572

मतदाताओं के लिए कुल 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 11 सहायक बूथ शामिल हैं।

 

 

आरक्षित सीटें

इस चरण में कुल सीटों में से 101 सामान्य, 19 अनुसूचित जाति, और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।

 

इन नेताओं का भाग्य भी इसी चरण में तय होगा

 

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी—सिकंदरा

 

पूर्व उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद—कटिहार

 

मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव—सुपौल

 

नीतीश मिश्रा—झंझारपुर

 

नीरज सिंह बबलू—छातापुर

 

मंत्री शिला मंडल—फुलपरास

 

पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी—बेतिया

 

 

चर्चित चेहरों की परीक्षा

 

परिहार: स्मिता गुप्ता (राजद के पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे की बहू)

 

औरंगाबाद: त्रिविक्रम सिंह (पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह के पुत्र)

 

औरंगाबाद: स्नेह लता (उपेन्द्र कुशवाहा की पत्नी)

 

नवीनगर: चेतन आनंद (पूर्व सांसद आनंद मोहन के पुत्र)

 

 

दूसरे चरण का मतदान कई राजनीतिक समीकरण बदल सकता है और बिहार की सत्ता की तस्वीर काफी हद तक आज के मतदान के बाद स्पष्ट होने लगेगी।