ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों का मामला, छह गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव

 

 

बिलासपुर। बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने साइबर वित्तीय अपराधों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से साइबर अपराध की कुल 50 शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में करीब चार करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी मिली है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी करने वाले लोग कमीशन का लालच देकर अन्य लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम हासिल करने और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। ऐसे खातों को म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है।

 

25 दिन में खाते से 2.20 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन

 

मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की मंगला शाखा में संचालित एक बैंक खाते में बड़ी मात्रा में संदिग्ध लेन-देन सामने आने के बाद हुई। जांच में पता चला कि ‘अजय फार्म हाउस’ के नाम से संचालित खाते में 18 मई से 12 जून 2026 के बीच महज 25 दिनों में 2 करोड़ 20 लाख 68 हजार 443 रुपये की संदिग्ध राशि का हस्तांतरण हुआ था।

 

बैंक स्टेटमेंट, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, केवाईसी दस्तावेज, मोबाइल नंबर, तकनीकी साक्ष्य और आरोपियों के आपसी संपर्कों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने एक-एक कर छह आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया।

 

कमीशन के बदले खाते उपलब्ध कराने का आरोप

 

गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार सोनी (36), अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू (49), भास्कर कश्यप (42), नरेन्द्र कुर्रे (35), आशीष तिवारी (36) और देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन (26) शामिल हैं। सभी आरोपी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।

 

जांच में सामने आया कि अजय कुमार सोनी ने ‘अजय फार्म हाउस’ के नाम से बैंक खाता खुलवाया और उसे साइबर अपराध से जुड़े लेन-देन के लिए उपलब्ध कराया। उसके खाते में 2.20 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला।

 

अभिलाष डेनियल पर बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए संपर्क स्थापित कराने और 20 हजार रुपये कमीशन लेने की भूमिका सामने आई है। वहीं भास्कर कश्यप ने भी कमीशन के बदले बैंक खाता उपलब्ध कराया था।

 

पुलिस के मुताबिक नरेन्द्र कुर्रे बैंक खातों की व्यवस्था करने और खाताधारकों को जोड़ने का काम करता था। खातों से होने वाले लेन-देन के आधार पर करीब 2.8 प्रतिशत कमीशन दिए जाने की बात सामने आई है। आशीष तिवारी ने भी अपना बैंक खाता ऑनलाइन फ्रॉड में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया था, जिसके बदले उसे 25 हजार रुपये कमीशन मिलने की जानकारी मिली है।

 

देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन पर उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड कर उन्हें ऑनलाइन फ्रॉड संबंधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने की भूमिका सामने आई है।

 

11 राज्यों से जुड़ीं 50 शिकायतें

 

पुलिस जांच में अजय कुमार सोनी के बैंक खाते के खिलाफ चंडीगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान और झारखंड समेत विभिन्न राज्यों से 21 शिकायतें मिली हैं। भास्कर कश्यप के खाते से संबंधित 24 शिकायतें सामने आई हैं।

 

इसी तरह नरेन्द्र कुर्रे के खाते के संबंध में कर्नाटक और मध्यप्रदेश से 2 शिकायतें, जबकि आशीष तिवारी के खाते के संबंध में उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल से 3 शिकायतें मिली हैं। इस तरह कुल 50 साइबर अपराध संबंधी शिकायतें सामने आई हैं।

 

पुलिस का कहना है कि इन शिकायतों में करीब 4 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी मिली है। साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।

 

मोबाइल, सिम और बैंकिंग दस्तावेज जब्त

 

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग सामग्री जब्त की है। आरोपियों के मोबाइल, टेलीग्राम और व्हाट्सऐप संपर्कों के साथ-साथ बैंक खातों के लेन-देन का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।

 

पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी गगन कुमार के निर्देशन में की गई। कार्रवाई में रेंज साइबर थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, कामिल हक सहित साइबर थाना के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।