✍️ भागीरथी यादव
17 महीने में फैसला, DNA और वैज्ञानिक साक्ष्यों से साबित हुआ अपराध
दुर्ग। मोहन नगर थाना क्षेत्र में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में अदालत ने उसके सगे चाचा को फांसी की सजा सुनाई है। करीब 17 महीने चली जांच में SIT ने DNA, वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी साबित किया।
घटना 6 अप्रैल 2025 की है। बच्ची कन्या पूजा के लिए अपनी दादी के घर पहुंची थी। घर की महिलाएं पूजा की तैयारियों में व्यस्त थीं। इसी दौरान 24 वर्षीय चाचा उसे बहाने से छत पर बने अधूरे कमरे में ले गया। आरोप है कि वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर उसका गला दबा दिया। शरीर को सिगरेट से दागने की बात भी जांच में सामने आई।
बाद में आरोपी ने बच्ची को मृत समझकर पड़ोसी की पुरानी कार में छिपा दिया। इसके बाद वह परिजनों और पुलिस के साथ बच्ची की तलाश करने का नाटक करता रहा। बार-बार कार के पास जाने पर पुलिस को उस पर संदेह हुआ। तलाशी लेने पर बच्ची कार में अचेत अवस्था में मिली। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन वैज्ञानिक जांच और अन्य साक्ष्यों से अपराध की कड़ियां जुड़ती गईं। मामले में 10 सदस्यीय SIT गठित की गई थी। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
