सुशील जयसवाल
कोरबी-चोटिया। कटघोरा वन मंडल में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को एक दंतैल हाथी ने चोटिया-कोरबी मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक डेरा डालकर यातायात रोक दिया। वहीं एतमानगर रेंज के बंजारी क्षेत्र में हाथियों के झुंड से घिरे टावर कर्मचारियों और वनकर्मियों को जान बचाने के लिए हाई-टेंशन बिजली टावर पर चढ़ना पड़ा। दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में हाथी आतंक की गंभीर स्थिति को सामने ला दिया है।
चोटिया-कोरबी मार्ग पर लगा जाम: ग्राम पंचायत पोड़ी खुर्द के पास मातिन दाई मंदिर के समीप डंप एरिया में एक दंतैल हाथी सड़क पर आ गया। हाथी के मुख्य मार्ग पर पहुंचते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। सूचना मिलने पर हाथी मित्र दल और कोरबी-चोटिया परिक्षेत्र सहायक सुनील डिक्सेना टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सायरन और पटाखों की मदद से काफी मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
बंजारी में जान पर बनी: एतमानगर रेंज के ग्राम बंजारी में स्थिति और भी भयावह हो गई। काम कर रहे टावर कर्मचारियों और गश्त कर रहे वनकर्मियों के अचानक सामने दंतैल हाथी आ गया। कुछ ही देर में हाथियों का झुंड भी वहां पहुंच गया। चारों तरफ से घिरने के बाद कर्मचारियों ने जान बचाने के लिए पास स्थित ऊंचे हाई-टेंशन बिजली टावर पर चढ़कर शरण ली।
टावर पर चढ़े कर्मचारियों ने अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद बंजारी परिसर रक्षक और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचे और हाथियों को दूर खदेड़कर टावर पर फंसे सभी कर्मचारियों को सुरक्षित नीचे उतारा।
इलाके में दहशत: कटघोरा वन मंडल के केंदई, पसान, जटगा और एतमानगर रेंज में हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। हाथी मित्र दल और वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
