मंत्रालय की बस में आग के बाद कर्मचारियों का विरोध, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

✍️ भागीरथी यादव

 

 

मेन गेट पर जुटे कर्मचारी, ‘रघुपति राघव राजा राम’ गाकर जताई नाराजगी; नियमित जांच और मेंटेनेंस की मांग

रायपुर, 24 सितंबर। मंत्रालय से कर्मचारियों को लेकर जा रही सिटी बस में आग लगने की घटना के एक दिन बाद गुरुवार को कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। मंत्रालय के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए और बसों की खराब स्थिति तथा रखरखाव व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ का सामूहिक गायन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

कर्मचारियों का कहना था कि बुधवार शाम मंत्रालय से करीब 35 कर्मचारियों को लेकर कबीर नगर की ओर रवाना हुई सिटी बस में अचानक आग लग गई। बस के रवाना होने से पहले ही उसके निचले हिस्से से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में धुआं आग की लपटों में बदल गया। स्थिति बिगड़ते देख बस में सवार सभी कर्मचारी तत्काल बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। करीब 20 मिनट के भीतर बस लगभग पूरी तरह जल गई।

बस में नहीं था फायर एक्सटिंग्विशर

कर्मचारियों ने बस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आग बुझाने के लिए बस में फायर एक्सटिंग्विशर तक उपलब्ध नहीं था। आग लगने के बाद मंत्रालय परिसर में रखे 10-10 किलो क्षमता वाले दो अग्निशमन यंत्र मौके पर लाए गए और आग बुझाने का प्रयास किया गया। बाद में दमकल वाहन की टीम ने पहुंचकर आग पर काबू पाया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

लंबे समय से मेंटेनेंस की मांग

कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, बसों की स्थिति और उनके रखरखाव को लेकर लंबे समय से रजिस्ट्रार शाखा तथा एनआरडीए के अधिकारियों के समक्ष शिकायत और चर्चा की जाती रही है। कर्मचारियों ने मांग की है कि सभी बसों की नियमित तकनीकी जांच कराई जाए और समय पर आवश्यक मेंटेनेंस कराया जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि मंत्रालय आने-जाने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारी इन बसों पर निर्भर हैं। ऐसे में बसों की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही कर्मचारियों की जान के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने हादसे के बाद केवल औपचारिक कार्रवाई के बजाय बसों की फिटनेस, अग्निशमन उपकरण और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।