
✍️ भागीरथी यादव
मनेंद्रगढ़ (MCB): शैक्षणिक संस्थान दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (DWPS) में देश का 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। इस वर्ष का समारोह विशेष रूप से राष्ट्रीय थीम “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” को समर्पित रहा, जिसने पूरे विद्यालय प्रांगण को राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया।
शानदार मार्च-पास्ट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं संस्था के अध्यक्ष रमेशचंद्र सिंह द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुआ। तिरंगे की छांव में विद्यार्थियों की विभिन्न हाउस टुकड़ियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट किया, जो एकता और अनुशासन का जीवंत प्रतीक बना।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में:
वंदे मातरम् की गूँज: कक्षा 5वीं से 8वीं के छात्रों ने सुमधुर गायन प्रस्तुत किया।
नृत्य प्रस्तुति: कक्षा चौथी के नन्हे सितारों ने ‘देश रंगीला’ गीत पर आकर्षक नृत्य कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ओजस्वी भाषण: छात्र रिधम अग्रवाल और बर्बरीक चौहान ने हिंदी व अंग्रेजी में गणतंत्र के महत्व पर अपने विचार रखे।
सामाजिक संदेश: वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने ‘महिला सशक्तिकरण’ पर मार्मिक नाट्य प्रस्तुति दी, जिसे खूब सराहा गया।
संविधान की शक्ति और कर्तव्यों का बोध
संस्था के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमेशचंद्र सिंह ने अपने संदेश में कहा कि यह दिन संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने का है। उन्होंने जोर दिया कि एक सशक्त राष्ट्र तभी बनता है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी ईमानदारी से निर्वहन करें।
प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा, “हमारा संविधान केवल एक कानूनी किताब नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है। इसमें निहित न्याय, स्वतंत्रता और समानता के दीप-स्तंभ भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को आलोकित कर रहे हैं।”
कविता और ज्ञान का संगम
विद्यालय की शिक्षिका सुश्री नीरू सिंह ने बच्चों को संविधान निर्माण की गाथा सुनाई, वहीं सुश्री श्रृष्टि सिंह ने ओजस्वी कविता पाठ कर माहौल को देशभक्ति के जोश से भर दिया। कार्यक्रम का समापन मिष्ठान वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर निदेशक व्यंकटेश सिंह, निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह सहित समस्त शिक्षकगण एवं छात्र मौजूद रहे।






