
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। अग्रवाल समाज का चुनाव इस बार लगातार विवादों के घेरे में आ गया है। समाज के भीतर ही मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं, वहीं सबसे बड़ा सवाल बाहरी लोगों की सक्रियता को लेकर उठ खड़ा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, प्रत्याशियों के प्रचार में अन्य समाज के लोग खुलकर उतर आए हैं और बयानबाजी भी तेज हो गई है। इतना ही नहीं, समाज के भवनों में बैठकों के दौरान भी बाहरी हस्तक्षेप देखने को मिल रहा है, जिससे आम समाजजनों में भारी नाराजगी फैल गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समाज को पहले ही चुनाव जैसी स्थिति से बचना चाहिए था, लेकिन जब परिस्थितिवश चुनाव हो ही रहा है तो इसमें अन्य समाज के लोगों की दखलअंदाजी एक नई और खतरनाक परंपरा की शुरुआत है।
सूत्रों के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि समाज का एक वर्ग बाहरी व्यक्तियों को प्रचार में आगे बढ़ा रहा है, जिससे विवाद और गहराने की आशंका है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि किसी भी समय तनाव बढ़ सकता है और मारपीट जैसी स्थिति से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
समाज के वरिष्ठों ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और समाज की एकता बनी रहे।
अब देखना होगा कि बढ़ते विवाद के बीच समाज के जिम्मेदार लोग क्या कदम उठाते हैं, या यह चुनाव आगे और बड़े टकराव की ओर बढ़ेगा।
