धमतरी पुलिस की ऐतिहासिक पहल: डीजीपी ने किया ‘पुलिस की पाठशाला’ का शुभारंभ

✍️ भागीरथी यादव

 

 

निःशुल्क पुस्तकालय और बुक बैंक से हजारों युवाओं को मिलेगा सपनों को साकार करने का अवसर

धमतरी, 31 मई। सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए धमतरी पुलिस ने शिक्षा और युवा सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। रविवार को पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ अरुण देव गौतम ने “पुलिस की पाठशाला” नामक निःशुल्क पुस्तकालय एवं बुक बैंक का शुभारंभ किया। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने “पुलिस की पाठशाला” को युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला ज्ञान केंद्र बताते हुए कहा कि ऐसी पहल प्रदेश के हर जिले में शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने करियर काउंसलिंग, व्यक्तित्व विकास, मोटिवेशनल क्लास और साहित्यिक पुस्तकों की उपलब्धता पर भी विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि “पुलिस की पाठशाला” केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला लॉन्च पैड है। यहां UPSC, CGPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग, रक्षा सेवाओं, व्यापम, शिक्षक भर्ती, पटवारी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक पुस्तकें और अध्ययन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही इंटरव्यू गाइडेंस, स्पोकन इंग्लिश, व्यक्तित्व विकास और प्रेरणादायी साहित्य जैसी सुविधाएं भी विद्यार्थियों को मिलेंगी।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने युवाओं से पुस्तकों को अपना सबसे अच्छा मित्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ज्ञान ही सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। वहीं डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने इस पहल को समाज के विकास और युवा भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में पुस्तकें दान कर अभियान में सहयोग दिया। रेड क्रॉस सोसायटी, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, इनरव्हील क्लब, चैंबर ऑफ कॉमर्स, शिक्षक संघ और पुलिस पेंशनर संघ सहित अनेक संस्थाओं ने इस पहल की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय के लिए विशेष योगदान देने वाले समाजसेवियों, संस्थाओं और अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। समारोह में डीजीपी अरुण देव गौतम, श्रीमती ज्योति गौतम, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन, छात्र-छात्राएं और नागरिक उपस्थित रहे।

धमतरी पुलिस ने इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया है कि “कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे।” उम्मीद है कि आने वाले समय में “पुलिस की पाठशाला” जिले के हजारों युवाओं के लिए ज्ञान, मार्गदर्शन और सफलता का प्रमुख केंद्र बनेगी तथा पुलिस और समाज के बीच विश्वास एवं सहभागिता को और अधिक मजबूत करेगी।