विश्व पर्यावरण दिवस पर सिरमिना क्लस्टर में हरित क्रांति की पहल

 

 

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत जलके, कोरबी एवं आसपास के गांवों में हुआ व्यापक वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

 

सुशील जायसवाल

पोड़ी उपरोड़ा (कोरबा)

 

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार 5 जून को विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के सिरमिना क्लस्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत जलके, कोरबी, घोसरा, सिमगा, नवापारा, छिंदिया एवं सिरमिना क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। राजमेरु संस्था के मार्गदर्शन तथा जन संगठन वंचितों का संसद के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, महिलाओं, युवाओं एवं ग्रामीण नागरिकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पंडो एवं धनुहार समाज के लोगों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें जल, जंगल और जमीन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी है। ग्रामीणों को जंगलों के संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा तथा प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर संचालित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। पौधरोपण के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों ने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण को समृद्ध कर सकें।

 

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के जयघोष के साथ हुई। पूरे आयोजन में उत्साह और जनभागीदारी का विशेष वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया और प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया।

 

इस अवसर पर ग्राम पंचायत कोरबी के सरपंच राजुराम मराबी ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वन क्षेत्र में हो रही कमी के कारण पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान केवल पौधरोपण कार्यक्रम नहीं बल्कि मातृत्व सम्मान और प्रकृति संरक्षण का एक भावनात्मक अभियान है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार पेड़-पौधे मानव जीवन को ऑक्सीजन, फल, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। इसलिए वृक्षों का संरक्षण मानव अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की।

 

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे अपने गांवों को हरा-भरा बनाने, जल स्रोतों के संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करेंगे। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह अभियान क्षेत्र में पर्यावरण जागरूकता और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

 

मुख्य आकर्षण

 

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत सामूहिक वृक्षारोपण।

 

पंडो एवं धनुहार समुदाय के लोगों को जल, जंगल और जमीन के महत्व की जानकारी।

 

छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण।

 

पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण का सामूहिक संकल्प।

 

पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान।

 

सिरमिना क्लस्टर के कई ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी।

 

 

“पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं, उसकी देखभाल कर उसे वृक्ष बनाना ही सच्चा पर्यावरण संरक्षण है।”

विश्व पर्यावरण दिवस पर यही संदेश पूरे क्षेत्र में गूंजता रहा।