बिलासपुर में तेज रफ्तार पर पुलिस की पैनी नजर, 5 माह में 14,372 चालकों को भेजी नोटिस

✍️ भागीरथी यादव

 

 

बिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस बिलासपुर ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ रखा है। अत्याधुनिक कैमरों, एएनपीआर सिस्टम, इंटरसेप्टर वाहन और स्पीड राडार गन की मदद से शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत जनवरी से मई 2026 तक कुल 14,372 प्रकरण दर्ज कर वाहन चालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

यातायात पुलिस के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में तेज गति, लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना तथा नशे की हालत में ड्राइविंग शामिल हैं। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए जिले की प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर इंटरसेप्टर एवं स्पीडोमीटर से कार्रवाई की जा रही है, जबकि शहर के भीतर आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत लगे कैमरों से ऑनलाइन निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस ने बताया कि शहर में 550 से अधिक अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं, जो पूरे शहर को कवर करते हैं। इन कैमरों के माध्यम से ओवरस्पीडिंग, स्टंटबाजी, खतरनाक ड्राइविंग, रील बनाते हुए वाहन चलाना और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

अभियान के दौरान मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 112/183 के तहत तेज गति से वाहन चलाने के 4,809 प्रकरण तथा धारा 184 के तहत जल्दबाजी और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने के 9,567 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

यातायात पुलिस ने चेतावनी दी है कि जोखिमपूर्ण वाहन चलाने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन एवं निरस्तीकरण के लिए परिवहन विभाग को लगातार प्रतिवेदन भेजे जा रहे हैं। वहीं स्टंटबाजी और सड़क पर रील बनाने जैसे मामलों को न्यायालय भेजकर कठोर दंड दिलाने की कार्रवाई भी की जा रही है।

पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का सम्मान करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के साथ-साथ आवश्यकतानुसार अन्य कानूनी धाराओं के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।