✍️ भागीरथी यादव
बिलासपुर, 10 जून। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर नव नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (पीएसआई) को पुलिस सेवा के मूलभूत सिद्धांतों, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और जनसेवा की भावना से कार्य करने का संदेश दिया। बैठक का आयोजन रक्षित केंद्र बिलासपुर स्थित चेतना भवन में किया गया।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। नव प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
वर्दी की गरिमा बनाए रखने पर जोर
आईजी गर्ग ने कहा कि वर्दी धारण करने के बाद किसी अधिकारी का आचरण केवल व्यक्तिगत नहीं रह जाता, बल्कि वह पूरे पुलिस विभाग की छवि का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को मर्यादित व्यवहार, कानून के प्रति सम्मान और यातायात नियमों का स्वयं पालन कर जनता के सामने आदर्श प्रस्तुत करने की सीख दी।
तकनीकी रूप से सक्षम बनने के निर्देश
बैठक में डिजिटल पुलिसिंग को समय की आवश्यकता बताते हुए प्रशिक्षु अधिकारियों को सीसीटीएनएस में स्वयं प्रविष्टियां करने, ‘सशक्त’, ‘ई-साक्ष्य’, ‘आईओ मित्र’ और ‘समाधान’ जैसे विभागीय एप्स का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कंप्यूटर, सोशल मीडिया और साइबर अपराधों की जानकारी में दक्षता विकसित करने पर बल दिया गया।
विवेचना और फील्ड अनुभव पर विशेष ध्यान
नव प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए न्यूनतम पांच समन और पांच वारंट तामील करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पुरानी एफआईआर, चार्जशीट और विवेचना संबंधी दस्तावेजों का अध्ययन कर अनुभवी अधिकारियों से सीखने की सलाह दी गई।
जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने की सीख
आईजी गर्ग ने कहा कि थाना आने वाले प्रत्येक पीड़ित की बात धैर्यपूर्वक सुनना और उसकी समस्या को समझकर कानून सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाना पुलिस का प्राथमिक दायित्व है। जनता का विश्वास जीतना ही प्रभावी पुलिसिंग की सबसे बड़ी कसौटी है।
डेली डायरी और आचरण नियमों का पालन अनिवार्य
बैठक में विभागीय आचरण नियमों के पालन और सदाचार के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को अपनी डेली डायरी नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए गए, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कभी भी औचक जांच की जा सकती है।
नई पीढ़ी के कंधों पर पुलिस की छवि की जिम्मेदारी
बैठक के समापन पर आईजी राम गोपाल गर्ग ने सभी नव नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले 20 से 25 वर्षों तक छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली और छवि को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी इसी नए बैच के कंधों पर होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया।
“अनुशासन, तकनीकी दक्षता और संवेदनशील व्यवहार ही एक सफल पुलिस अधिकारी की पहचान है” — आईजी राम गोपाल गर्ग।
