आसमानी आफत ने उजाड़ी पशुपालकों की मेहनत

बरभावना,में आकाशीय बिजली का कहर, छह मवेशियों की दर्दनाक मौत; गांव में मातम, मुआवजे की मांग तेज

 

सुशील जायसवाल

पोड़ी उपरोड़ा/एतमा नगर बरभावना।

 

मानसून की दस्तक के साथ प्रकृति का रौद्र रूप भी सामने आने लगा है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के एतमा नगर बरभावना, गांव में सोमवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने की हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश के बीच जंगल क्षेत्र में एक बड़े पेड़ के नीचे खड़े लगभग आधा दर्जन मवेशी अचानक बिजली की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

 

घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल व्याप्त है। जिन पशुपालकों के मवेशियों की मौत हुई है, उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है और एक साथ कई मवेशियों की मौत ने परिवारों की कमर तोड़ दी है।

 

*बारिश से बचने पेड़ के नीचे खड़े थे मवेशी*

 

जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कई मवेशी जंगल क्षेत्र में स्थित एक विशाल पेड़ के नीचे एकत्र हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के समीप गिरी और उसकी चपेट में आए मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए। जब ग्रामीण घटनास्थल पहुंचे तो वहां का दृश्य बेहद दर्दनाक था। मृत मवेशियों को देखकर पशुपालकों की आंखें नम हो गईं।

 

*पशुपालकों को लाखों का* *नुकसान*

 

घटना में बरभावना निवासी गुलाब साय मंझवार सहित अन्य पशुपालकों के मवेशियों की जान चली गई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्येक मवेशी की कीमत हजारों से लेकर लाखों रुपये तक होती है। ऐसे में एक साथ कई मवेशियों की मौत से प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित पशुपालकों का तत्काल सर्वे कर उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

 

*घटनास्थल पर उमड़ी ग्रामीणों* *की भीड़*

 

आकाशीय बिजली गिरने की खबर गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। हर किसी के चेहरे पर दुख और चिंता साफ दिखाई दे रही थी। बाद में ग्रामीणों और पशुपालकों ने मिलकर मृत मवेशियों का अंतिम संस्कार किया।

 

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि बरसात के मौसम में इस प्रकार की घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन एक साथ इतने मवेशियों की मौत की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

 

*प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील*

 

घटना के बाद प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार गरज-चमक और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होना बेहद खतरनाक हो सकता है। आकाशीय बिजली प्रायः ऊंचे पेड़ों, खुले मैदानों और ऊंचे स्थानों को अपनी चपेट में लेती है।

 

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों से दूर रहें तथा सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय स्थल में शरण लें।

 

*ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा* *उपायों की मांग*

 

इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में आकाशीय बिजली को लेकर भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि मानसून की शुरुआत के साथ ऐसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने तथा समय पर मौसम संबंधी चेतावनी उपलब्ध कराने की मांग की है।

 

एतमा नगर बरभावना, की यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाना कितना जरूरी है। वहीं प्रभावित पशुपालकों को अब प्रशासन से राहत और मुआवजे की उम्मीद है।