✍️ भागीरथी यादव
समस्याओं के निदान के बाद हो जनसुनवाई
कोरबा। मानिकपुर खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान की मांग तेज कर दी है। सोमवार को भिलाई खुर्द, बरबसपुर, कर्रानाला, कदमहाखार, इमलीडुग्गू, रापाखर्रा, मानिकपुर, दादर खुर्द, ढेलवाडीह और कुदरी बस्ती सहित आसपास के कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहले भी अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था, जिसके आधार पर जयसिंह अग्रवाल ने एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) को पत्र लिखकर 21 अगस्त 2026 को प्रस्तावित जनसुनवाई से पहले प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक एसईसीएल प्रबंधन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
ग्रामीणों ने कहा कि मुआवजे से वंचित परिवारों को सूची में शामिल किए बिना, पुनर्वास और रोजगार से जुड़े लंबित मामलों का निराकरण किए बिना वे जनसुनवाई का समर्थन नहीं करेंगे। मांगों की अनदेखी होने पर उन्होंने प्रस्तावित जनसुनवाई का सशक्त विरोध करने की चेतावनी दी है। साथ ही जल्द ही कलेक्टर कोरबा को विस्तृत ज्ञापन सौंपने और उसकी प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, महाप्रबंधक (मानिकपुर क्षेत्र) तथा मुख्य महाप्रबंधक, एसईसीएल को भेजने की जानकारी दी।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि प्रभावित ग्रामीणों की मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं। उन्होंने कहा कि वैधानिक मुआवजा, समुचित पुनर्वास और रोजगार सुनिश्चित किए बिना किसी भी विकास परियोजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन से जनसुनवाई से पहले सभी लंबित मामलों का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान करने की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ और विरोध की स्थिति बनी तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी। साथ ही उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई में हर स्तर पर साथ देने का भरोसा भी दिलाया।
