जटगा रेंज के मातिन क्षेत्र में हाथियों की सक्रियता बढ़ी, वन विभाग ने जारी की कड़ी चेतावनी
सुशील जायसवाल
कटघोरा/मातिन।
मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में वन्यजीवों के साथ सेल्फी और वीडियो बनाने का बढ़ता शौक कभी-कभी लोगों की जान पर भारी पड़ सकता है। कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत मातिन के छोटेगिद्र क्षेत्र में शनिवार को ऐसी ही एक घटना सामने आई, जहां हाथियों के झुंड के बेहद करीब पहुंचकर वीडियो और सेल्फी बनाने का प्रयास कर रहे एक युवक की जान मुश्किल में पड़ गई। सौभाग्य से युवक समय रहते वहां से भाग निकला और एक बड़े हादसे से बच गया।
जानकारी के अनुसार कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज में इन दिनों हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। सासिन, बासिन, मातिन, छोटेगिद्र तथा आसपास के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में लगभग 50 हाथियों का बड़ा दल अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहा है। शनिवार 20 जून को ग्राम मातिन के छोटेगिद्र क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे जंगल में 13 हाथियों का एक दल देखा गया, जिसकी सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण हाथियों को देखने पहुंचने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक युवक हाथियों के काफी नजदीक पहुंचकर मोबाइल से वीडियो बनाने और सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान झुंड में शामिल एक आक्रामक दंतैल हाथी उसकी गतिविधियों से सतर्क हो गया और अचानक उसकी ओर तेजी से बढ़ने लगा। हाथी को अपनी ओर आते देख युवक के होश उड़ गए और वह जान बचाकर भागा। कुछ दूरी तक हाथी ने उसका पीछा किया, लेकिन युवक किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचने में सफल रहा।
घटना के बाद क्षेत्र में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने भी माना कि यदि युवक कुछ और देर तक हाथियों के नजदीक रहता तो कोई गंभीर हादसा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जंगली हाथियों के पास जाना या उन्हें उकसाने जैसी हरकत करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
मानसून के साथ बढ़ी हाथियों की गतिविधियां
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मानसून की शुरुआत होते ही हाथियों का मूवमेंट तेजी से बढ़ जाता है। भोजन और पानी की तलाश में हाथी नए क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं तथा कई बार गांवों और कृषि क्षेत्रों के आसपास भी पहुंच जाते हैं। वर्तमान में जटगा रेंज के विभिन्न जंगलों और पहाड़ियों में हाथियों के कई समूह सक्रिय हैं, जिन पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।
वन विभाग ने लोगों से की अपील
वन विभाग लगातार मुनादी, जागरूकता अभियान और हाथी मित्र दलों के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि हाथियों के झुंड के पास जाना, उन्हें घेरना, फोटो या वीडियो बनाने के लिए करीब पहुंचना तथा पटाखे या अन्य माध्यमों से उन्हें परेशान करना जानलेवा साबित हो सकता है।
वन अमले ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की सूचना मिलते ही सुरक्षित दूरी बनाए रखें, बच्चों को जंगल या हाथी प्रभावित क्षेत्रों की ओर न जाने दें तथा किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें।
सेल्फी का जुनून बन सकता है जान का दुश्मन
विशेषज्ञों का कहना है कि जंगली हाथी सामान्यतः शांत रहते हैं, लेकिन खतरा महसूस होने पर वे बेहद आक्रामक हो जाते हैं। खासकर दंतैल हाथी और छोटे बच्चों वाले झुंड किसी भी हलचल पर हमला कर सकते हैं। ऐसे में सेल्फी और वीडियो बनाने का शौक कई बार लोगों को मौत के मुंह तक पहुंचा देता है।
मातिन के छोटेगिद्र क्षेत्र में हुई यह घटना भले ही बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई हो, लेकिन यह लोगों के लिए एक बड़ी सीख है कि वन्यजीवों के प्रति लापरवाही और रोमांच की चाह कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वन विभाग ने पुनः सभी ग्रामीणों और युवाओं से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
