24 घंटे में छह से अधिक घरों पर हमला, वन विभाग और हाथी मित्र दल की निगरानी के बावजूद गांव में घुस रहा बेकाबू हाथी
*सुशील जायसवाल*
*कोरबा ऐतमा नगर* । जिले के कटघोरा वन मंडल के ऐतमानगर रेंज अंतर्गत बंजारी गांव में एक बार फिर लोनर (अकेला) हाथी का आतंक देखने को मिला। लगातार दूसरे दिन भी बेकाबू हाथी ने देर रात गांव में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया और एक के बाद एक चार मकानों को निशाना बनाते हुए उन्हें बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के समय घरों में मौजूद परिवार किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि मकानों के साथ-साथ घरेलू सामान को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

लगातार हो रही इन घटनाओं से पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं, जबकि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
24 घंटे में छह से अधिक घरों को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार लोनेर हाथी ने पिछले 24 घंटों के भीतर बंजारी गांव में छह से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचाया है। पहले दिन दो घरों को ध्वस्त करने के बाद बीती रात फिर गांव में घुसकर चार और मकानों पर हमला कर दिया। इससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि हाथी देर रात लगभग 11 बजे जंगल से निकलकर गांव पहुंचा और एक के बाद एक घरों पर हमला शुरू कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने और पटाखे फोड़ने के बावजूद हाथी काफी देर तक गांव में घूमता रहा।
इन परिवारों के घर हुए क्षतिग्रस्त
लोनेर हाथी ने सबली बाई पति शिवधन, श्याम बाई पति अमीर, बुधवारो पति बुधराम सहित अन्य ग्रामीणों के मकानों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी ने मकानों की दीवारें तोड़ दीं तथा घरों में रखा घरेलू सामान भी नष्ट कर दिया। कई परिवारों को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ी।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी लगातार गांव में प्रवेश कर रहा है, जिससे कभी भी जनहानि की आशंका बनी हुई है।
वन विभाग की निगरानी के बावजूद नहीं थम रहा आतंक
लोनेर हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग के कर्मचारी तथा हाथी मित्र दल लगातार क्षेत्र में तैनात हैं। गांव-गांव मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद हाथी बार-बार वन अमले को चकमा देकर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचे तथा काफी मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, लेकिन हाथी के दोबारा लौटने की आशंका से लोग अब भी भयभीत हैं।
ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से हाथी लगातार गांवों में प्रवेश कर रहा है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों ने वन विभाग से प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने, रात में गश्त बढ़ाने और हाथी को आबादी से दूर सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
घोटमार गांव में भी पहुंचा दंतैल हाथी
इधर, कोरबा वन मंडल के करतला रेंज अंतर्गत घोटमार गांव में भी एक दंतैल हाथी की दस्तक से वन विभाग सतर्क हो गया है। जानकारी के अनुसार कुदमुरा मार्ग की ओर से हाथी के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद वन अमला सक्रिय हो गया।
वन विभाग द्वारा घोटमार तथा आसपास के गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हाथी की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान न हो।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने का प्रयास न करें, रात के समय अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं तथा किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना वन विभाग या हाथी मित्र दल को दें। विभाग का कहना है कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लगातार हो रहे हाथियों के हमलों ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। यदि समय रहते प्रभावी और स्थायी उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।
