टोल पार्टनरशिप के नाम पर कारगिल वीर से 34.40 लाख की कथित ठगी, पैसे मांगने पर मारपीट और पिस्टल तानने का आरोप

✍️ भागीरथी यादव

 

रांची के नगड़ी थाना में मामला दर्ज, पूर्व सैनिक का आरोप– पैसे मांगने पर पिस्टल तानकर की मारपीट, NHAI पहुंचने पर खुली कथित फर्जीवाड़े की परतें

 

कोरबा/रांची। कारगिल युद्ध में शामिल रहे कोरबा निवासी पूर्व सैनिक प्रेमचंद पाण्डेय के साथ टोल प्लाजा में साझेदारी दिलाने के नाम पर 34 लाख 40 हजार रुपये की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर झारखंड के रांची जिले के नगड़ी थाना में कोरबा के सराफा व्यवसायी जय कुमार सोनी, उसके साले जतिन रामवानी, टोल मैनेजर लवकुश यादव तथा अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

 

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार दर्री निवासी 48 वर्षीय पूर्व सैनिक प्रेमचंद पाण्डेय की पहचान कोरबा स्थित न्यू जेके ज्वेलर्स में सोने-चांदी के कारोबार के दौरान जय कुमार सोनी और जतिन रामवानी से हुई थी। आरोप है कि दोनों ने स्वयं को झारखंड में टोल प्लाजा संचालन से जुड़ा बताते हुए उन्हें साझेदारी का प्रस्ताव दिया और दावा किया कि रांची के पतरा चौली टोल प्लाजा का टेंडर उन्हें मिला है। आरोपियों ने टेंडर से जुड़े दस्तावेज और स्क्रीनशॉट दिखाकर निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया।

 

शिकायत के मुताबिक 25 अगस्त 2025 को प्रेमचंद पाण्डेय को रांची बुलाया गया, जहां उन्हें टोल प्लाजा दिखाकर निवेश के लिए राजी किया गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तारीखों में नकद और बैंक खातों के माध्यम से कुल 34.40 लाख रुपये आरोपियों को दिए। शिकायत में कहा गया है कि बाद में 100 रुपये के स्टांप पर एक अनुबंध भी कराया गया, जिसमें टोल संचालन और आय के बंटवारे का उल्लेख था।

 

पूर्व सैनिक का आरोप है कि LOA मिलने के बाद 19 सितंबर 2025 से उनके कर्मचारियों ने टोल प्लाजा का संचालन भी शुरू कर दिया था, लेकिन कुछ महीनों बाद जब टोल की आय बढ़ने लगी तो आरोपियों ने उनके कर्मचारियों को धमकाकर वहां से भगा दिया और टोल पर कब्जा कर लिया। इतना ही नहीं, टोल कलेक्शन की जानकारी साझा करने वाले व्हाट्सएप ग्रुप से भी उन्हें हटा दिया गया।

 

मामले में नया मोड़ तब आया जब प्रेमचंद पाण्डेय रांची स्थित NHAI कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारियों ने उन्हें बताया कि NHAI के नियमों में टोल प्लाजा को पार्टनरशिप या सबलेट पर देने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद उन्हें कथित धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

 

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 7 जुलाई 2026 को पैसे वापस मांगने पर जय कुमार सोनी, जतिन रामवानी, लवकुश यादव और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान उनका एक दांत टूट गया तथा सोने की चेन और चांदी का ब्रेसलेट भी छीन लिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोपियों ने पिस्टल तानकर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।

 

पूर्व सैनिक ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, 34.40 लाख रुपये की बरामदगी, छीने गए आभूषण वापस दिलाने तथा स्वयं एवं परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

 

नगड़ी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर कांड क्रमांक 126/2026 दर्ज करते हुए धारा 316(1), 318(4), 126(2), 115(2), 303(2), 351(2), 351(3) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला कायम किया है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक यशराज सिंह को सौंपी गई है।