प्रतिबंध के बावजूद मत्स्य आखेट करते पाली ब्लाक के एक ग्रामीण पकड़ाया! 

 

सरभोका बांगो:-

बांगो जलाशय में अवैध मत्स्याखेट करते पाली ब्लाक के एक ग्रामीण को, मछली और जाल जब्त बंद प्रजनन काल के बावजूद जारी था अवैध शिकार, विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप 03 अगस्त 2026।

 

हसदेव बांगो जलाशय क्षेत्र में प्रजनन काल के दौरान लगाए गए मत्स्याखेट प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मछली पकड़ने का मामला सामने आया है। मत्स्य विभाग की टीम ने सोमवार सुबह कार्रवाई करते हुए एक पुरूष महिपाल सिंह पिता मुखी राम को लगभग 12 किलो मछली और जाल सहित पकड़ लिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध मत्स्याखेट करने वालों में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन द्वारा 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक जलाशयों एवं नदियों में मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए मत्स्याखेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग चोरी-छिपे मछली पकड़ने में लगे हुए हैं। इसी क्रम में 03 अगस्त को ग्राम सरभोका ,स्थित बांगो जलाशय के पाड़ी अड़ार क्षेत्र में विभागीय टीम ने छापामार कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान ग्राम रामाकछार पाली ब्लाक के निवासी महिपाल सिंह पिता मुखी राम (उम्र लगभग 24 वर्ष) को अवैध रूप से मछली पकड़ते हुए पकड़ा गया। विभाग ने उसके कब्जे से करीब 12 किलोग्राम मछली, एक किलो जाली (निषिद्ध जाल) तथा अन्य मत्स्याखेट सामग्री जब्त की है।

मजदूरी के बहाने कर रहा था अवैध मत्स्याखेट

पूछताछ में युवक ने बताया कि वह कटघोरा के एक व्यक्ति के कहने पर जलाशय में मछली पकड़ने गया था। उसने यह भी कहा कि उसे मजदूरी के रूप में कुछ राशि मिलने वाली थी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित तरीके से अवैध मत्स्याखेट कराए जाने से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

प्रजनन काल में मछलियों के संरक्षण पर खतरा

मत्स्य विशेषज्ञों का कहना है कि जून से अगस्त के बीच अधिकांश देशी मछलियां अंडे देती हैं। इस अवधि में मछली पकड़ने से उनके प्राकृतिक प्रजनन चक्र पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और जलाशय में मत्स्य उत्पादन घट सकता है। शासन द्वारा लगाया गया प्रतिबंध इसी उद्देश्य से लागू किया गया है ताकि मत्स्य संपदा का संरक्षण किया जा सके।

विभाग ने दी कड़ी चेतावनी

मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि प्रतिबंध अवधि में किसी भी व्यक्ति को जलाशय, नदी या तालाब में जाल डालने, मछली पकड़ने या परिवहन करने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ छत्तीसगढ़ मत्स्य अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने क्षेत्र के मछुआरा समूहों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे अवैध मत्स्याखेट की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि मत्स्य संसाधनों की रक्षा की जा सके।

पंचनामा तैयार, आगे की कार्रवाई जारी

जब्त मछली एवं जाल का पंचनामा तैयार कर लिया गया है। कार्रवाई में विभागीय कर्मचारियों और स्थानीय गवाहों की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

बांगो जलाशय क्षेत्र में लगातार मिल रही अवैध मत्स्याखेट की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थानीय लोगों ने विभाग से मांग की है कि प्रतिबंध अवधि में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, ताकि मत्स्य संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।