✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल करते हुए पूर्व राजस्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल ने ऐसी घोषणा की है, जिसकी पूरे पत्रकार जगत में सराहना हो रही है। उन्होंने प्रेस क्लब कोरबा के किसी भी सदस्य पत्रकार के आकस्मिक निधन की स्थिति में उसके परिवार को 25 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। यह राशि संकट की घड़ी में पत्रकार परिवारों को संबल देने और उन्हें शुरुआती आर्थिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से दी जाएगी।
गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन-प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। वे जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और मुद्दों को शासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। कठिन परिस्थितियों, विषम मौसम, सामाजिक चुनौतियों और कई बार व्यक्तिगत जोखिम उठाकर भी पत्रकार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में यदि किसी पत्रकार का असमय निधन हो जाता है, तो उसके परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट का पहाड़ टूट पड़ता है।
उन्होंने कहा कि परिवार का कमाने वाला सदस्य अचानक दुनिया छोड़ दे तो उसके परिजनों को न केवल आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक चुनौतियां भी सामने आ जाती हैं। ऐसे समय में समाज और जनप्रतिनिधियों का दायित्व बनता है कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहें और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं। इसी सोच और मानवीय संवेदना के साथ यह निर्णय लिया गया है।
पत्रकारों के योगदान को बताया अमूल्य
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि पत्रकारों का योगदान किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज के लिए अमूल्य है। वे दिन-रात मेहनत कर समाज की सच्चाई सामने लाते हैं और आमजन की आवाज को बुलंद करते हैं। कई बार पत्रकार सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। इसलिए उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर समाज को भी गंभीरता से सोचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सहायता राशि भले ही किसी परिवार की पूरी समस्या का समाधान नहीं कर सकती, लेकिन संकट की घड़ी में यह एक सहारा और संवेदनात्मक सहयोग अवश्य साबित होगी। उनका प्रयास है कि पत्रकार परिवारों को यह महसूस हो कि समाज और जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं।
प्रेस क्लब कोरबा ने जताया आभार
जयसिंह अग्रवाल की इस घोषणा का प्रेस क्लब कोरबा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्वागत किया है। पत्रकारों ने इसे पत्रकार हित में उठाया गया एक सकारात्मक, मानवीय और दूरदर्शी कदम बताया। उनका कहना है कि पत्रकारों के लिए इस प्रकार की सहायता व्यवस्था न केवल आर्थिक संबल प्रदान करेगी, बल्कि उनके परिवारों में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत करेगी।
पत्रकारों ने कहा कि अक्सर किसी पत्रकार के आकस्मिक निधन के बाद उसके परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में 25 हजार रुपये की सहायता राशि परिवार के लिए राहत का कार्य करेगी और उन्हें शुरुआती कठिनाइयों से उबरने में मदद मिलेगी।
पत्रकार जगत में चर्चा का विषय बनी पहल
जयसिंह अग्रवाल की इस घोषणा के बाद पत्रकार जगत में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। इसे पत्रकारों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण माना जा रहा है। कई पत्रकारों का मानना है कि यदि अन्य जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाएं भी इसी प्रकार आगे आएं तो पत्रकार परिवारों को और अधिक सुरक्षा तथा सहयोग मिल सकता है।
इस घोषणा ने यह संदेश भी दिया है कि पत्रकार केवल खबरें लिखने वाले लोग नहीं, बल्कि समाज की आवाज हैं और उनके परिवारों की चिंता करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। संकट की घड़ी में सहायता का यह हाथ न केवल आर्थिक राहत देगा, बल्कि पत्रकार परिवारों को यह भरोसा भी दिलाएगा कि वे अकेले नहीं हैं।
पत्रकार हित में की गई यह पहल आने वाले समय में कोरबा जिले के पत्रकार परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा साबित हो सकती है और मानवीय संवेदनाओं का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।
