विभाग की लापरवाही या बड़ी अनदेखी?

बकाई नाला पर बना रपटा जर्जर, अप्रोच रोड बहने की कगार पर

 

लगातार बारिश से बढ़ा खतरा, मरम्मत नहीं हुई तो पनगवां में राशन आपूर्ति और आवागमन हो सकता है ठप

 

सुशील जायसवाल

 

पनगवां (कोरबी)। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचनाओं की पोल खोलकर रख दी है। सरमा–कोरबी मुख्य मार्ग से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पनगवां पहुंचने से पहले बकाई नाला पर बना कामचलाऊ रपटा और उसका अप्रोच रोड गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है। तेज बहाव के कारण अप्रोच रोड का लगातार कटाव हो रहा है, जिससे कभी भी सड़क का संपर्क टूटने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोक निर्माण विभाग द्वारा इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो गांव का संपर्क पूरी तरह कट सकता है और सरकारी राशन सहित अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो जाएंगी।

ग्रामीणों के अनुसार बकाई नाला पर वर्षों पहले बनाया गया रपटा अब लगातार बारिश का दबाव झेलने की स्थिति में नहीं है। इस बार भी तेज बारिश के चलते नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और पानी का तेज बहाव अप्रोच रोड की मिट्टी को काटते हुए पक्की डामर सड़क तक पहुंच गया है। यदि जल्द ही सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो सड़क का बड़ा हिस्सा बह सकता है।

 

सरपंच ने जताई चिंता, कहा— समय रहते हो मरम्मत

 

ग्राम पंचायत पनगवां के सरपंच धरम सिंह मरकाम ने बताया कि सरमा से पनगवां की दूरी मात्र 6 किलोमीटर है, लेकिन बीच में पड़ने वाला बकाई नाला हर बारिश में बड़ी समस्या बन जाता है। उन्होंने बताया कि रपटा के दोनों ओर बने अप्रोच रोड का कटाव तेजी से हो रहा है और लगातार पानी के बहाव से सड़क कमजोर पड़ती जा रही है।

 

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी भारी बारिश के दौरान बाढ़ का पानी रपटा के ऊपर लगभग दो फीट तक बहने लगा था, जिसके कारण कई दिनों तक आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। उस दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई थी।

 

राशन वितरण पर मंडरा रहा संकट

 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि रपटा और अप्रोच रोड की तत्काल मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला राशन गांव तक पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा। बारिश के दौरान भारी वाहन पहले ही इस मार्ग से गुजरने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। यदि सड़क टूट गई तो राशन से लेकर दवाइयों और अन्य जरूरी सामग्री की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो सकती है।

 

कई गांवों और दो जिलों को जोड़ता है महत्वपूर्ण मार्ग

 

यह सड़क केवल पनगवां गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि सरमा से होकर व्यहा, जलके, सिपत, पिपरिया, पसान सहित एमसीबी जिले तक आवागमन का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन इस सड़क से ग्रामीण, किसान, छात्र, कर्मचारी और छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यदि बकाई नाला का संपर्क टूटता है तो इसका असर हजारों लोगों पर पड़ेगा।

 

हर साल दोहराई जा रही समस्या

 

ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में बकाई नाला पर यही स्थिति बनती है। पानी का तेज बहाव अप्रोच रोड को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन बारिश समाप्त होने के बाद भी स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। केवल अस्थायी मरम्मत कर विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जिसका खामियाजा हर वर्ष ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है।

 

ग्रामीणों ने की स्थायी पुल निर्माण की मांग

 

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि बकाई नाला पर बने जर्जर रपटा की तत्काल मरम्मत कर अप्रोच रोड को सुरक्षित बनाया जाए। साथ ही भविष्य में हर वर्ष आने वाली इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए यहां मजबूत और ऊंचे पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दिनों में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन न करना पड़े और आवश्यक सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकें।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग ने समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो किसी भी दिन सड़क संपर्क टूट सकता है, जिससे पनगवां सहित आसपास के गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी जल्दी करता है।