✍️ भागीरथी यादव
धमतरी। महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई के तहत धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी) धमतरी ने आरोपी कोमल लहरे (21 वर्ष), निवासी मोहदा, थाना अमलेश्वर, जिला दुर्ग को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास सहित विभिन्न धाराओं में कठोर सजा सुनाई है।

यह मामला चौकी बिरेझर, थाना कुरूद में वर्ष 2024 में दर्ज अपराध क्रमांक 199/2024 से संबंधित है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी, तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाणों के आधार पर पीड़िता को सकुशल बरामद किया तथा आरोपी के विरुद्ध मजबूत साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों से संतुष्ट होकर आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376(2)(जे)(एन) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने धारा 363 में 7 वर्ष, धारा 366 में 10 वर्ष तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ अर्थदंड भी लगाया।
धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना और न्यायालय में मजबूत पैरवी के चलते आरोपी को कठोर दंड दिलाने में सफलता मिली। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस ने कहा है कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत प्रत्येक प्रकरण की त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी विवेचना जारी रहेगी, ताकि अपराधियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
