कोरबा (कोरबी-चोटिया) | सुशील जायसवाल
कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत कोरबी-चोटिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं, कई पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है, संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हालात ऐसे हैं कि लोग घरों में रहने को मजबूर हैं तथा दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है
सबसे गंभीर स्थिति फुलसर नाला में देखने को मिली, जहां तेज बहाव के कारण पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया। आधी रात को पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि नाले के समीप स्थित मुक्तिधाम भी पानी में डूब गया। तेज बहाव के साथ बहकर आए कचरे और मलबे में सांप सहित कई जीव-जंतु फंस गए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों बाद इतनी भयावह स्थिति देखने को मिली है।
लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते 11 हजार केवी विद्युत लाइन के दर्जनों बिजली पोल धराशायी हो गए, जिससे सैकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। कई गांव पिछले कई घंटों से अंधेरे में डूबे हुए हैं। बिजली गुल होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है, क्योंकि अधिकांश स्थानों पर मोटर पंप बंद पड़े हैं। मोबाइल फोन चार्ज नहीं होने से लोगों का परिजनों और प्रशासन से संपर्क भी प्रभावित हो रहा है।
इधर सिंदूरगढ़–बासिन मुख्य मार्ग पर स्थित टेटी नदी का पुल तेज बहाव की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। मरीजों, स्कूली बच्चों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तनेरा जाने वाले वैकल्पिक मार्ग पर स्थित कर्नाल नाला का पुल भी लगातार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और ग्रामीणों को लंबा एवं जोखिमभरा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

बारिश के कारण खेतों, निचले इलाकों और ग्रामीण सड़कों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने, क्षतिग्रस्त बिजली पोल बदलने, विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल करने तथा टूटे पुलों और सड़कों की युद्धस्तर पर मरम्मत कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अगले कुछ घंटों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों और क्षतिग्रस्त पुलों को पार करने का प्रयास न करें तथा पूरी सावधानी बरतते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें।
फिलहाल कोरबी-चोटिया क्षेत्र में बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह थाम दिया है और ग्रामीण प्रशासन की त्वरित राहत एवं बचाव कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
