लाद हाईस्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव, छात्राओं को मिली साइकिल, पुस्तकें व गणवेश

न्योता भोज’ में पालकों ने की सहभागिता, उप सरपंच कन्हैयालाल कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

सुशील जायसवाल

लाद (पोड़ी उपरोड़ा)। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लाद स्थित शासकीय हाईस्कूल में शुक्रवार को शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पालकों को विद्यालय से जोड़ना रहा। इस अवसर पर विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और भारत माता के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसएमडीसी अध्यक्ष मुरली गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि ग्राम पंचायत लाद के सरपंच लाल बहादुर सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के वरिष्ठ प्राचार्य जे. एल. जगत ने की। अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ प्राचार्य जे. एल. जगत ने कहा कि शासन प्रत्येक बच्चे की शिक्षा पर लाखों रुपये खर्च कर उन्हें बेहतर भविष्य देने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय गांव की अमूल्य धरोहर हैं और इन्हें आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी समाज तथा पालकों की भी है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई पर ध्यान देने और विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

प्राचार्य ने बताया कि शासन के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रत्येक छात्र-छात्रा से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि सरपंच लाल बहादुर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, साइकिल वितरण, छात्रवृत्ति सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने पालकों से प्रत्येक बच्चे को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का आग्रह किया।

शाला प्रवेश उत्सव के दौरान कक्षा नवमी की नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। अतिथियों ने छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, विद्यालयी गणवेश तथा शासन की योजना के अंतर्गत साइकिल वितरित की। साइकिल मिलने से छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। पालकों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे दूर-दराज के गांवों से आने वाली छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी और उनकी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रह सकेगी।

इस अवसर पर प्राचार्य ने जानकारी दी कि विद्यालय में प्रत्येक माह “न्योता भोज” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पालक भी स्वेच्छा से सहभागिता कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य विद्यालय, पालकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संबंध स्थापित करना तथा बच्चों में सामूहिकता और सामाजिक सहभागिता की भावना विकसित करना है।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजित न्योता भोज में सभी अतिथियों, पालकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। विद्यालय परिसर में आत्मीयता और पारिवारिक वातावरण देखने को मिला। पालकों ने विद्यालय प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों का विद्यालय के प्रति लगाव बढ़ता है और अभिभावकों व शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है।

इस अवसर पर उप सरपंच कन्हैयालाल कुर्रे, सावित्रीबाई पंच, अनीता बाई, शिवनारायण, राजकुमार, शंकर सिंह, रूल मतिया बाई, हरदीप सिंह, गीता देवी, सोनमती, विराजू बाई, बसंती बाई, तिरमल सिंह, उत्तम सिंह, मही लाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

विद्यालय परिवार की ओर से व्याख्याता विजय कुमार कंवर, नीता प्रधान, उर्मिला एक्का, वीरेंद्र कुमार, रामशरण सिंह तंवर, बलेश्वर कुमार भारते, जयसिंह कंवर, रामवती, सुरेश कुमार तंवर, ओंकार प्रसाद केवट, नंद कुमारी सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।