✍️ भागीरथी यादव
धमतरी, 10 जुलाई। धमतरी पुलिस को हत्या के प्रयास के एक मामले में बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। जमीन विवाद के चलते लोहे के आरीनुमा हथियार से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को न्यायालय ने 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले की उत्कृष्ट विवेचना के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक अमित बघेल एवं सहायक उपनिरीक्षक भीष्म अवस्थी को पुलिस अधीक्षक द्वारा नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
पुलिस के अनुसार, थाना सिविल लाइन रूद्री के अपराध क्रमांक 75/2024 में ग्राम बेन्द्रा नवागांव निवासी सुरेन्द्र कुमार ध्रुव (39 वर्ष) को माननीय न्यायालय ने दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
घटना 14 नवंबर 2024 की है, जब जमीन विवाद को लेकर आरोपी ने प्रार्थी निरंजन ढीमर के साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और लोहे के लकड़ी काटने वाले आरीनुमा हथियार से हमला कर दिया। हमले में पीड़ित के बाएं हाथ में गंभीर चोट आई थी।
रिपोर्ट मिलते ही थाना सिविल लाइन रूद्री पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक अमित बघेल और सहायक उपनिरीक्षक भीष्म अवस्थी ने वैज्ञानिक, निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित तरीके से की। मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष न्यायालय में आरोप सिद्ध कराने में सफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर सजा मिली।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि गंभीर अपराधों में गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक विवेचना से ही अपराधियों को न्यायालय से कठोर दंड दिलाया जा सकता है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विवेचना अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दोनों अधिकारियों को नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
