सुशील जयसवाल
स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर सवाल—बाकी चार दिन मरीजों का इलाज कैसे होगा?
कोरबा/पसान। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक नए आदेश को लेकर पसान क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कोरबा कार्यालय की ओर से 10 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार विकासखंड पोड़ीउपरोड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरिया में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार पाटले की सेवाएं अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान में सप्ताह में केवल तीन दिन निर्धारित की गई हैं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने का उल्लेख आदेश में किया गया है।
आदेश के मुताबिक डॉ. पाटले सोमवार, मंगलवार और बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान में अपनी सेवाएं देंगे। वहीं सप्ताह के शेष चार दिनों यानी गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पसान क्षेत्र के मरीजों के लिए चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर आदेश में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
ग्रामीणों के सामने खड़ा हुआ सवाल
स्वास्थ्य विभाग के इस आदेश के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के लोगों के लिए उपचार का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में यदि सप्ताह के चार दिनों में डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहेंगे तो अचानक बीमार पड़ने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा कैसे मिलेगी, यह बड़ा सवाल है।
विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता को देखते हुए आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर की अनुपलब्धता मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
वैकल्पिक व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी चिकित्सक की सेवाएं सप्ताह में केवल तीन दिन के लिए निर्धारित की गई हैं तो शेष दिनों के लिए वैकल्पिक चिकित्सकीय व्यवस्था भी स्पष्ट की जानी चाहिए। लोगों का सवाल है कि गुरुवार से रविवार के बीच गंभीर मरीजों को उपचार के लिए कहां जाना होगा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आपात स्थिति से निपटने के लिए कौन-सी व्यवस्था रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के आदेश के बाद अब ग्रामीणों की नजर विभाग के अगले कदम पर है। लोगों की मांग है कि पसान क्षेत्र में सप्ताह के सभी दिनों में पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को उपचार के लिए भटकना न पड़े।
