हसदेव ताप विद्युत गृह की राखड़ पाइपलाइन फटी, नदी-नालों में मिला राखड़युक्त पानी

✍️ भागीरथी यादव

 

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा स्थित हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPP) प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। संयंत्र से नवागांव झाबु स्थित ऐश डैम की ओर जाने वाली मुख्य राखड़ पाइपलाइन बुधवार रात अचानक बीच रास्ते में फट गई। पाइपलाइन फटने के बाद तेज दबाव के साथ बड़ी मात्रा में राखड़युक्त पानी और गाद (Slurry) बाहर निकलकर आसपास के क्षेत्र में फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन से निकली राखड़युक्त गाद देखते ही देखते आसपास के क्षेत्र में फैल गई। इसके चलते स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। राखड़ के बहाव ने क्षेत्र में मौजूद बरसाती नालियों और जलस्रोतों को भी प्रभावित किया है।

 

नदी-नालों में पहुंचा राखड़युक्त पानी

 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन से निकला राखड़युक्त पानी और मलबा आसपास के नालों के माध्यम से नदी की ओर पहुंचा है। इसके चलते पानी का रंग मटमैला दिखाई देने लगा है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि राखड़युक्त पानी का बहाव जलस्रोतों में जारी रहा तो जलीय जीव-जंतुओं और आसपास के पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

 

HTPP से ऐश डैम तक राखड़ परिवहन के लिए बिछाई गई पाइपलाइन संयंत्र की महत्वपूर्ण व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे में मुख्य पाइपलाइन का अचानक फट जाना और बड़ी मात्रा में राखड़युक्त पानी का बाहर निकलना प्रबंधन की निगरानी एवं रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पाइपलाइन टूटने के कारणों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए तथा प्रभावित क्षेत्र में तत्काल सफाई और पर्यावरणीय नुकसान का आकलन कराया जाए।

 

लोगों का कहना है कि राखड़ का रिसाव जलस्रोतों तक पहुंचने से पहले ही रोकने के लिए प्रभावी निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था होनी चाहिए। अब देखना होगा कि HTPP प्रबंधन इस घटना को लेकर क्या कार्रवाई करता है और प्रभावित क्षेत्र में पर्यावरणीय क्षति की भरपाई के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।