✍️ भागीरथी यादव
जांजगीर-चांपा। वेतन वृद्धि का एरियर निकालने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला किरारी की प्राचार्य और सहायक ग्रेड-3 को एसीबी बिलासपुर की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसीबी बिलासपुर की यह लगातार 56वीं ट्रैप कार्रवाई बताई गई है।

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता मनीष राठौर सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत हैं। उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त होने के बाद वर्ष 2025 में नियमितीकरण हुआ था। वर्ष 2022 से जून 2026 तक की वेतन वृद्धि का करीब 80 हजार रुपये एरियर बनना था। आरोप है कि एरियर निकालने के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला किरारी की प्राचार्य अंजुला सोनी ने शिकायतकर्ता से पहले 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत के बाद 10 हजार रुपये देने की बात कही गई।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और उसने मामले की शिकायत एसीबी बिलासपुर में की। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।
योजना के तहत शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये लेकर स्कूल भेजा गया। वहां उसने प्राचार्य अंजुला सोनी को रिश्वत की रकम देने का प्रयास किया। बताया गया कि प्राचार्य ने रकम स्वयं लेने के बजाय स्कूल में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 विकास मसीह को देने के लिए कहा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम विकास मसीह को सौंप दी।
इसी दौरान आसपास तैनात एसीबी बिलासपुर की टीम ने कार्रवाई करते हुए प्राचार्य अंजुला सोनी और सहायक ग्रेड-3 विकास मसीह को पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
