✍️ भागीरथी यादव
14 डीजे वाहन, 84 डीजे बॉक्स और 32 अन्य उपकरण जब्त; पारंपरिक वाद्य यंत्रों को मिला बढ़ावा
कोरबा। गणेश उत्सव के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन कर तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ कोरबा पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में जिलेभर में की गई कार्रवाई के दौरान कोलाहल अधिनियम के तहत 18 प्रकरण दर्ज किए गए। पुलिस ने 14 डीजे वाहनों को डीजे सिस्टम सहित जब्त किया है। इसके अलावा 84 डीजे बॉक्स तथा मिक्सर मशीन, एम्पलीफायर समेत 32 अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गणेश उत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित ध्वनि सीमा और शासन के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से लगातार निगरानी की गई। जांच के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई कोलाहल अधिनियम के साथ-साथ उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के मामलों में की गई।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों को मिला बढ़ावा
गणेश उत्सव के दौरान अधिकांश समितियों ने नियमों का पालन करते हुए पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोक कलाओं को प्राथमिकता दी। कई स्थानों पर ढोल, ताशा, नगाड़ा और मांदर जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ राउत नाचा, कर्मा सहित विभिन्न लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां हुईं। इससे स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ रोजगार का अवसर भी मिला।

इसके अलावा गणेश उत्सव समितियों द्वारा बैंड पार्टियों को भी अवसर दिए गए, जिससे स्थानीय स्तर पर जुड़े कलाकारों और बैंड संचालकों को काम मिला। पुलिस के मुताबिक इस पहल से उत्सव में पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय कलाकारों में भी उत्साह देखने को मिला।
नियम मानने वाली समितियों को सहयोग
कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप गणेश उत्सव मनाने वाली समितियों के प्रति पुलिस का रवैया सहयोगात्मक रहा। कार्रवाई केवल उन डीजे संचालकों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ की गई, जो निर्धारित ध्वनि सीमा अथवा लागू नियमों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते पाए गए।
पुलिस ने गणेश उत्सव समितियों और डीजे संचालकों से अपील की है कि वे ध्वनि सीमा सहित शासन, न्यायालय और एनजीटी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा उत्सव को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं।
